लखनऊ, 17 अक्टूबर (संवाददाता)
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत अब किसी की दादागिरी नहीं सहेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज भारत की बात न सिर्फ़ सुनी जाती है, बल्कि उसे गंभीरता से लिया जाता है। लखनऊ में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि “अब भारत किसी के दबाव में आने वाला देश नहीं रहा, बल्कि विश्व पटल पर एक आत्मनिर्भर और निर्णायक शक्ति के रूप में अपनी उपस्थिति बता चुका है ।
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जिस तरह आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, उसने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि अब भारत केवल अपनी सीमाओं की सुरक्षा में ही सक्षम नहीं है, बल्कि वह वैश्विक सुरक्षा और स्थिरता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों को अब यह समझ लेना चाहिए कि भारत की नई नीति “शांति के साथ शक्ति” की है। उन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” का ज़िक्र करते हुए कहा कि भारत की कार्रवाई धर्म देखकर नहीं, बल्कि कर्म देखकर होती है।
“अगर हमारे पड़ोसी आतंकवादी गतिविधियों से बाज नहीं आए, तो आगे भी ‘पार्ट 2’ या ‘पार्ट 3’ जैसी कार्रवाई से कोई नहीं रोक सकता,” उन्होंने दृढ़ स्वर में कहा।
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय सेना का मनोबल पहले से कहीं अधिक ऊँचा है और देश अब हर तरह के ख़तरे से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में भारत की रक्षा नीति में बड़ा बदलाव आया है — अब हम ‘रिएक्टिव’ नहीं, बल्कि ‘प्रोएक्टिव’ रणनीति पर चल रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि यह नया भारत अपनी सीमाओं, अपनी नीतियों और अपने स्वाभिमान की रक्षा करने में सक्षम है।
“अब भारत से कोई दादागिरी नहीं कर सकता — यह नया युग भारत की आत्मविश्वास की पहचान है।”
