रायपुर, छत्तीसगढ़। राजधानी रायपुर दक्षिण क्षेत्र से बीजेपी विधायक सुनील सोनी को एक फर्जी कॉल कर खुद को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का अधिकारी बताने वाले साइबर अपराधी ने पहलगाम आतंकी हमले का हवाला देकर डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी।
कॉलर ने कहा कि विधायक के मोबाइल नंबर से आतंकी गतिविधि में प्रयुक्त कॉल किए गए हैं और उनका नंबर पहलगाम हमले में ट्रेस किया गया है। इसके बाद धमकाने के अंदाज़ में आरोप लगाया गया कि “आप चाहे जो हों, आपको दिल्ली पूछताछ के लिए आना ही पड़ेगा।”
ठगों ने इस पूरे मामले को कानून और सुरक्षा जांच का रंग देने की कोशिश की। यह डिजिटल अरेस्ट के नए साइबर अपराध का ताज़ा मामला है, जिसमें लोगों को आतंकी जांच, डिजिटल हिरासत, वीडियो कॉल पर पूछताछ जैसे झूठे दावों से डराकर पैसों की ठगी की जाती है।
देशभर में इस तरह के मामलों में भारी बढ़ोतरी की रिपोर्ट है — मुंबई व नोएडा में पीड़ितों से लाखों की ठगी तक हो चुकी है, वहीं भोपाल में वरिष्ठ अधिवक्ता को भी इसी तरह धमकाया गया था।
कॉल के बाद विधायक सुनील सोनी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को शिकायत की और कॉलर का नंबर व बातचीत साइबर सेल को सौंप दी।
पुलिस ने ठग की लोकेशन और नंबर ट्रेस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही आम जनता को चेतावनी जारी की गई है कि ऐसी कॉल्स में बताए किसी भी लिंक, भुगतान या दबाव में न आएं और तुरंत पुलिस व साइबर सेल को रिपोर्ट दें।
यह मामला इसी साल अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले को आधार बनाकर साइबर अपराध का रूप दिया गया है। कॉलर दावा करते हैं कि पीड़ित का नंबर या बैंक खाता आतंकवाद फंडिंग या आतंकी संपर्क में पकड़ा गया है, इसलिए पूछताछ और गिरफ्तारी तय है।
पुलिस की अपील: सरकारी अधिकारी असली पूछताछ के लिए कभी फोन पर डिजिटल अरेस्ट या ऑनलाइन स्टे-कनेक्शन की बात नहीं करते ,किसी भी तरह की पुलिस या केंद्रीय एजेंसी की सूचना लिखित आदेश के माध्यम से दी जाती है। अनजान कॉल्स, खासकर धमकी या गोपनीय जांच के दावों से जुड़े कॉल्स की तुरंत रिपोर्ट करें ।
