आजमगढ़/मऊ, 18 जुलाई। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के दोहरीघाट निवासी विक्रम की आजमगढ़ मंडलीय जिला कारागार में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया है। परिजनों का आरोप है कि विक्रम को गत रविवार चोरी के एक मामले में आजमगढ़ पुलिस पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई थी। बाद में उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इसके बाद शुक्रवार देर रात परिवार को उसकी मौत की सूचना मिली, जिससे परिजनों में आक्रोश फैल गया।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस हिरासत के दौरान विक्रम के साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उसकी मौत हुई। घटना के बाद मऊ में परिजनों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया तथा निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भी लोगों का आक्रोश दिखाई दे रहा है, जिसमें एक पुलिसकर्मी के पीछे भीड़ दौड़ती नजर आती है। हालांकि, इस वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरी ओर, पुलिस और जेल प्रशासन ने परिजनों के आरोपों को अभी तक स्वीकार नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मजिस्ट्रियल जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रशासन के अनुसार मामले की नियमानुसार जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब तक किसी पुलिसकर्मी के निलंबन या गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामला फिलहाल जांच के अधीन है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर हिरासत और जेल में होने वाली मौतों को लेकर पुलिस व्यवस्था और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्रोत: लाइव हिन्दुस्तान, डायनामाइट न्यूज़ तथा उत्तर प्रदेश पुलिस एवं जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध आधिकारिक जानकारी।
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