जयपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने शुक्रवार को जयपुर में राजस्थान पुलिस के नवनियुक्त सिपाहियों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। श्री अमित शाह ने कहा कि आज का दिन राजस्थान की कानून-व्यवस्था और पुलिस बल के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि 8 हजार से अधिक युवा राजस्थान पुलिस का हिस्सा बने हैं। इनमें 2500 से अधिक महिला सिपाहियों का चयन होना राज्य के लिए गर्व का विषय है।
गृह मंत्री ने कहा कि इन सभी युवाओं को बिना खर्ची, बिना सिफारिश और पूरी पारदर्शिता के साथ केवल मेरिट के आधार पर नौकरी मिली है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की प्रगति का आधार योग्यता को अवसर देना है और राजस्थान सरकार ने इस मॉडल को धरातल पर उतारा है।
श्री अमित शाह ने पिछली सरकार के दौरान सामने आई पेपर लीक की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में इसे जड़ से समाप्त किया गया। तकनीक आधारित और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के चलते आज नियुक्ति पत्र वितरित हो सके हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद ये जवान 1949 में गठित गौरवशाली राजस्थान पुलिस का हिस्सा बनेंगे।
गृह मंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में राज्य में कुल अपराधों में लगभग 14 प्रतिशत और गंभीर अपराधों में 19 प्रतिशत की कमी आई है। हत्या, लूट, डकैती और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स, अभय कमांड सेंटर का आधुनिकीकरण, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और साइबर हेल्पलाइन जैसी पहलें राजस्थान को अपराध मुक्त बनाने की दिशा में मजबूत कदम हैं।
अंत में श्री अमित शाह ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद राजस्थान पुलिस का यह पहला बैच है, जो तकनीक-सक्षम न्याय प्रणाली के तहत काम करेगा। मजबूत कानून-व्यवस्था से ही विकास संभव है और आज राजस्थान देश का अग्रणी निवेश गंतव्य बनकर उभर रहा है।
