नई दिल्ली/जयपुर। भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने 10 लाख युवाओं को एआई कौशल में प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम शुरू किया है। यह घोषणा राजस्थान क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट सम्मेलन 2026 में की गई, जो मंगलवार को आयोजित हुआ। यह सम्मेलन 15–20 फरवरी 2026 को होने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का पूर्वाभ्यास माना जा रहा है।
सम्मेलन में राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव (वर्चुअल माध्यम से), राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद तथा राजस्थान के सूचना एवं संचार मंत्री कर्नल राजवर्धन राठौर सहित केंद्र व राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत, स्टार्टअप्स और शिक्षाविद शामिल हुए।
केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जिस प्रकार औद्योगिक क्रांति, बिजली, कंप्यूटर और इंटरनेट ने दुनिया बदली, उसी तरह एआई आने वाले समय में व्यापक परिवर्तन लाने वाला है। प्रधानमंत्री का लक्ष्य प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण करना है, ताकि एआई आधारित ज्ञान हर व्यक्ति और हर उद्यम तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से 10 लाख युवाओं को एआई में प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम शुरू किया गया है।
राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने बताया कि इंडिया एआई मिशन के तहत सरकार ने कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में एआई के उपयोग के लिए 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिससे आय बढ़ेगी और जीवन स्तर सुधरेगा।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान ने एआई/एमएल नीति 2026 लागू कर दी है, जिससे शासन अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और नागरिक-केंद्रित बनेगा। सम्मेलन में ‘सभी के लिए युवा एआई’ साक्षरता अभियान, राजस्थान एआई पोर्टल, आईस्टार्ट एलएमएस और AVGC-XR पोर्टल का शुभारंभ भी किया गया।
सम्मेलन ने सार्वजनिक भलाई, नवाचार और रोजगार सृजन के लिए एआई के जिम्मेदार उपयोग की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत किया।
