सीएम हेल्पलाइन के लंबित मामलों में आई तेजी, कलेक्टर बोले—शिविरों से आमजन को योजनाओं का लाभ और समस्याओं का समाधान दोनों

रीवा/गुढ़। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप रीवा जिले में चलाए जा रहे जन विश्वास अभियान के तहत नगर पंचायत गुढ़ में शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने आमजन और हितग्राहियों की समस्याएं सुनीं तथा प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि जन विश्वास शिविरों का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने के साथ उनकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है। शिविरों में सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई तथा मौके पर प्राप्त होने वाले आवेदनों की सुनवाई कर उनके निराकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
स्कूल से अस्पताल तक अधिकारियों की नजर
कलेक्टर ने बताया कि जन विश्वास अभियान केवल आवेदन लेने और निराकरण तक सीमित नहीं है। इसके तहत अधिकारी एवं विभागीय अमला स्कूल, अस्पताल, आंगनवाड़ी केन्द्र, उचित मूल्य दुकान और विभिन्न शासकीय कार्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति भी देख रहे हैं।इससे जमीनी स्तर पर सरकारी सेवाओं की स्थिति की जानकारी अधिकारियों तक पहुंच रही है और जहां कमियां मिल रही हैं, वहां आवश्यक सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं।
उद्यम संवाद से रोजगार और आर्थिक विकास पर चर्चा
शिविर में उद्यम संवाद के माध्यम से लोगों को स्वरोजगार एवं विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने पात्र हितग्राहियों को उपलब्ध योजनाओं, ऋण एवं स्वरोजगार के अवसरों से अवगत कराया।कलेक्टर ने कहा कि जिले के आर्थिक विकास को गति देने के लिए स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देना जरूरी है। इसी उद्देश्य से उद्यम संवाद को जन विश्वास अभियान से जोड़ा गया है।
सीएम हेल्पलाइन के मामलों के निराकरण में तेजी
कलेक्टर सूर्यवंशी ने कहा कि जन विश्वास शिविरों को आमजन से अच्छा फीडबैक मिल रहा है। शिविरों के आयोजन के बाद सीएम हेल्पलाइन में लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी आई है, जबकि नए दर्ज होने वाले प्रकरणों की संख्या में भी कमी आई है।गुढ़ में आयोजित शिविर में कलेक्टर ने हितग्राहियों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुनकर संबंधित विभागों के अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे और आमजन को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

