नई दिल्ली, 17 जुलाई। हरियाणा के हिसार जिले के गंगवा गांव स्थित एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से एक श्रमिक की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इसे प्रथम दृष्टया मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला मानते हुए हरियाणा के मुख्य सचिव और हिसार के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है।
एनएचआरसी ने दोनों अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। आयोग ने निर्देश दिए हैं कि रिपोर्ट में मामले की जांच की वर्तमान स्थिति, घायल श्रमिक के स्वास्थ्य की जानकारी तथा मृतक के निकटतम परिजन और घायल श्रमिक को दिए गए मुआवजे, यदि कोई हो, का पूरा विवरण शामिल किया जाए।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को ठेकेदार द्वारा अवरुद्ध पाइपलाइन की सफाई के लिए श्रमिकों को टैंक में उतारा गया था। आरोप है कि श्रमिकों को बिना आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के टैंक में भेजा गया, जिससे जहरीली गैस के संपर्क में आने पर एक श्रमिक की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका अस्पताल में उपचार जारी है।
