नेपाल की कस्टम सख्ती से सीमा बाजार प्रभावित, धारचूला से दार्जिलिंग तक दिखा असर

Spread the love

नई दिल्ली। (एजेंसी) भारत-नेपाल सीमा पर हाल के दिनों में नेपाल की कस्टम जांच में आई सख्ती का सीधा असर सीमावर्ती बाजारों पर देखने को मिल रहा है। से लेकर तक के बाजारों में नेपाली ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है, जिससे भारतीय व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हुआ है। स्थानीय स्तर पर व्यापारियों और आम लोगों में नाराज़गी भी देखी जा रही है, और कुछ स्थानों पर विरोध के स्वर उभरे हैं।

दरअसल, नेपाल में सीमा पार से लाए जाने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी का प्रावधान पहले से मौजूद है, लेकिन हाल के समय में इन नियमों को अधिक सख्ती से लागू किया जा रहा है। बॉर्डर पर जांच बढ़ने और छोटे स्तर के सामान पर भी रोक-टोक होने से रोजमर्रा की खरीदारी प्रभावित हुई है।

हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रसारित “100 नेपाली रुपये से अधिक सामान पर 80% टैक्स” जैसे दावे भ्रामक हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कस्टम ड्यूटी वस्तु के प्रकार के अनुसार अलग-अलग होती है और कोई एक समान दर लागू नहीं है।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एक और भ्रम यह फैलाया गया कि यह निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है, जबकि वास्तविकता यह है कि वे केवल काठमांडू महानगर के मेयर हैं और कस्टम नीति नेपाल की केंद्र सरकार द्वारा तय की जाती है।

कुल मिलाकर, नेपाल द्वारा कस्टम नियमों के सख्त पालन से सीमा क्षेत्रों की स्थानीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है और सीमित स्तर पर विरोध भी देखने को मिला है, लेकिन इसे व्यापक राष्ट्रीय आंदोलन या नए कठोर कर कानून के रूप में देखना या प्रचारित कर सही नहीं है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *