नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि राष्ट्रीय राजधानी में निजी स्कूलों की फीस को नियंत्रित करने के लिए हाल ही में अधिसूचित कानून चालू शैक्षणिक सत्र 2025-26 में लागू नहीं किया जाएगा। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के इस बयान को रिकॉर्ड किया।
दिल्ली सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने अदालत को बताया कि दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम, 2025, जिसे दिसंबर 2025 में अधिसूचित किया गया था, मौजूदा शैक्षणिक वर्ष में प्रभावी नहीं होगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि यह कानून मध्य सत्र में लागू किया जाना व्यावहारिक नहीं है और इसे अगले शैक्षणिक सत्र से लागू करने की योजना है।
यह मामला निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि को लेकर दाखिल याचिकाओं के दौरान सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक नया कानून लागू नहीं होता, तब तक फीस से जुड़े मामलों का निपटारा मौजूदा नियमों और प्रक्रियाओं के तहत ही किया जाएगा।
सरकार के अनुसार, प्रस्तावित कानून का उद्देश्य निजी स्कूलों की फीस निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और अभिभावकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करना है।
