कोयला गैसीकरण तकनीक के साथ चार कोयला खदानों के विकास समझौते पर हस्ताक्षर
नई दिल्ली, 28 अप्रैल। भारत ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता और संसाधनों के अधिकतम उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए कोयला मंत्रालय ने चार कोयला खदानों के लिए उत्पादन एवं विकास समझौतों (CMDPA) पर हस्ताक्षर किए हैं। खास बात यह है कि इन खदानों में पहली बार भूमिगत कोयला गैसीकरण (UCG) तकनीक के प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिसे ऊर्जा क्षेत्र में परिवर्तनकारी पहल माना जा रहा है।
यह समझौते वाणिज्यिक कोयला खनन नीलामी के 14वें दौर के अंतर्गत किए गए। इस प्रक्रिया में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने रेचेरला और चिंतलपुड़ी सेक्टर A1 खदानें प्राप्त कीं, जबकि एक्सिस एनर्जी वेंचर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को बेलपहार डिप एक्सटेंशन और टांगारडीही ईस्ट खदानें आवंटित की गईं। ये खदानें आंध्र प्रदेश और ओडिशा में स्थित हैं।
क्या है UCG तकनीक?
भूमिगत कोयला गैसीकरण एक आधुनिक तकनीक है, जिसमें कोयले को जमीन के अंदर ही गैस में परिवर्तित किया जाता है। इससे पारंपरिक खनन की आवश्यकता कम हो जाती है और गहरी या कठिन पहुंच वाली कोयला परतों से भी ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है। यह तकनीक स्वच्छ और अधिक कुशल ऊर्जा उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आर्थिक और रणनीतिक लाभ
इस पहल से भारत के ऊर्जा संसाधनों का दायरा बढ़ेगा और कोयले से प्राप्त उत्पादों में मूल्यवर्धन होगा। UCG से उत्पन्न सिंथेटिक गैस का उपयोग उर्वरक निर्माण (जैसे यूरिया और अमोनिया) में किया जा सकेगा, जिससे आयात पर निर्भरता घटेगी और खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी। साथ ही यह रसायन और पेट्रो-रसायन उद्योग में भी प्राकृतिक गैस और नेफ्था का विकल्प बन सकती है।
रोजगार और निवेश को बढ़ावा
इन नए समझौतों के साथ वाणिज्यिक कोयला खनन के तहत कुल 138 खदानों के लिए समझौते हो चुके हैं, जिनकी संयुक्त उत्पादन क्षमता 331.544 मिलियन टन प्रति वर्ष है। अनुमान है कि इससे लगभग 42,980 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व प्राप्त होगा, 48,231 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होगा और करीब 4.34 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे ।
कोयला मंत्रालय की यह पहल न केवल ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि भारत को वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में अग्रणी बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। नई तकनीकों को अपनाकर देश स्वच्छ, टिकाऊ और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
