विद्यालय के लिए जमीन दान करने वाले परिवार का पक्ष सामने आया; अखिल श्रीवास्तव बोले—हनुमान मंदिर से स्कूल तक सड़क बनाने पर करें विचार, विद्यार्थियों के साथ ग्रामीणों को भी मिलेगा लाभ
रीवा। पताई स्थित विद्यालय तक पहुंचने के मार्ग को लेकर जारी धरने के बीच अब अखिल श्रीवास्तव का बयान चर्चा में है। जहां जनपद सदस्य ममता अशोक सिंह बघेल एवं उनके प्रतिनिधि अशोक सिंह बघेल विद्यालय के रास्ते की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं, वहीं अखिल श्रीवास्तव ने इस समस्या के समाधान के लिए एक वैकल्पिक मार्ग का प्रस्ताव सामने रखा है। उनका कहना है कि विद्यालय से लगभग 500 से 600 मीटर दूर स्थित हनुमान मंदिर तक सड़क निर्माण की दिशा में पहल की जाए, ताकि विद्यार्थियों के साथ आसपास के गांवों के लोगों को भी आवागमन की सुविधा मिल सके।
1956 में विद्यालय के लिए दान हुई जमीन, अब रास्ते का सवाल
अखिल श्रीवास्तव के अनुसार, उनके बाबा ने वर्ष 1956 में विद्यालय की स्थापना के लिए लगभग डेढ़ एकड़ जमीन दान की थी। समय के साथ विद्यालय का विस्तार हुआ और प्राथमिक विद्यालय से आगे बढ़कर यह हायर सेकेंडरी स्तर तक पहुंचा। शिक्षा के लिए जमीन दान करने वाले परिवार का पक्ष रखते हुए अखिल श्रीवास्तव ने विद्यालय तक सुगम पहुंच मार्ग की आवश्यकता पर जोर दिया है।उनका कहना है कि विद्यालय के विकास के साथ विद्यार्थियों की आवागमन संबंधी जरूरतों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सड़क निर्माण की समस्या का ऐसा समाधान तलाशना जरूरी है, जिससे स्कूल आने वाले बच्चों और स्थानीय ग्रामीणों को सुविधा मिल सके।
अखिल श्रीवास्तव का प्रस्ताव: हनुमान मंदिर से स्कूल तक बने सड़क
अखिल श्रीवास्तव ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि विद्यालय से लगभग 500–600 मीटर की दूरी पर हनुमान मंदिर स्थित है। उनके प्रस्ताव के अनुसार, मंदिर से विद्यालय तक सड़क का निर्माण कराया जाए, जिससे दक्षिण-पश्चिम दिशा के ग्रामीण क्षेत्रों सहित आसपास के गांवों के लोगों को भी आवागमन में सुविधा मिल सकती है।उन्होंने सड़क निर्माण के लिए सहयोग देने की तत्परता जताते हुए कहा कि इस विकल्प पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, सड़क का लाभ केवल विद्यालय के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवाजाही के लिए भी यह उपयोगी साबित हो सकती है।
धरने के बीच सामने आया दूसरा विकल्प
विद्यालय तक सड़क की मांग को लेकर अशोक सिंह बघेल के धरने के बीच अखिल श्रीवास्तव का प्रस्ताव इस मुद्दे पर समाधान के एक अन्य विकल्प के रूप में सामने आया है। एक ओर विद्यालय तक पहुंच मार्ग उपलब्ध कराने की मांग उठाई जा रही है, तो दूसरी ओर अखिल श्रीवास्तव मंदिर से स्कूल तक सड़क निर्माण की संभावना पर ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।ऐसे में संबंधित प्रशासन और निर्माण एजेंसियों के लिए जरूरी है कि वे मौके की स्थिति, उपलब्ध भूमि, मार्ग की उपयोगिता और तकनीकी पहलुओं का परीक्षण करें। यदि प्रस्ताव व्यवहार्य पाया जाता है, तो इस दिशा में आगे की प्रक्रिया पर विचार किया जा सकता है।
अब जिम्मेदारों की पहल का इंतजार
पताई स्कूल का मार्ग विद्यार्थियों की सुविधा और ग्रामीण आवागमन से जुड़ा विषय है। अखिल श्रीवास्तव ने अपने प्रस्ताव के माध्यम से समस्या के समाधान के लिए वैकल्पिक रास्ता सुझाया है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी स्थल का निरीक्षण कर इस प्रस्ताव पर क्या कदम उठाते हैं।सवाल धरने या बयान तक सीमित नहीं है—जरूरत ऐसे व्यावहारिक समाधान की है, जिससे विद्यार्थियों को विद्यालय तक पहुंचने में सुविधा मिले और ग्रामीणों के हितों का भी ध्यान रखा जाए।
