सागर में जहरीली शराब का कहर: 11 मौतों से मचा हड़कंप, 20 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती; ठेकेदार समेत 12 पर FIR

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सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले में कथित जहरीली शराब ने कई परिवारों की खुशियां उजाड़ दी हैं। बंडा तहसील क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों का सिलसिला सामने आया है। रविवार तक मृतकों की संख्या 11 पहुंच गई है, जबकि 20 से अधिक लोग अस्पतालों में उपचाररत बताए जा रहे हैं। कई मरीजों की हालत गंभीर होने के चलते मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

तीन गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें उतरीं

सागर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेश पटेरिया के मुताबिक प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है और जिन लोगों को उच्चस्तरीय इलाज की आवश्यकता है, उन्हें दूसरे अस्पतालों में भेजा जा रहा है।स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक आशंका मिथाइल अल्कोहल विषाक्तता की ओर है, हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही होगी। प्रशासन ने लोगों से किसी भी संदिग्ध शराब का सेवन नहीं करने और लक्षण दिखाई देने पर तत्काल अस्पताल पहुंचने की अपील की है।

नकली शराब सप्लाई नेटवर्क की जांच में बड़ा एंगल

मामले की शुरुआती पड़ताल में जांच एजेंसियों को कथित तौर पर नकली शराब के एक नेटवर्क से जुड़े सुराग मिले हैं। जांच का दायरा सागर से सटे उत्तर प्रदेश के ललितपुर क्षेत्र तक पहुंचा है। आशंका है कि वहां तैयार की गई नकली शराब को कम कीमत पर सागर जिले के ग्रामीण इलाकों में खपाया जा रहा था।जांच में यह भी सामने आया है कि नकली शराब को असली शराब जैसा दिखाने के लिए बोतलों पर कथित तौर पर फर्जी लेबल और ढक्कन लगाए जाते थे। इसके बाद उसे अलग-अलग गांवों में पहुंचाया जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और जहरीली शराब की खेप किन रास्तों से गांवों तक पहुंची।

बांदरी समेत कई गांव जांच के घेरे में

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सागर जिले के बांदरी, बढ़ोदिया, गूगरा खुर्द, नौराज और बैराज सहित आसपास के क्षेत्रों में शराब की सप्लाई की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि प्रभावित लोगों ने शराब कहां से खरीदी थी और अलग-अलग गांवों में इसकी आपूर्ति किस माध्यम से हुई।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शराब ठेकेदार समेत 12 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है। आरोपियों की भूमिका, शराब की खरीद-फरोख्त और सप्लाई चेन से जुड़े प्रत्येक पहलू की पड़ताल की जा रही है।

CM मोहन यादव ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंभीर रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित मंत्री और अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

11 मौतों के बाद कई सवाल, जांच के नतीजों पर टिकी नजर

सागर की इस घटना ने अवैध और नकली शराब के कारोबार पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जहरीली शराब गांवों तक कैसे पहुंची? इसकी बिक्री किस स्तर पर हुई? निगरानी तंत्र को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? और इस नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग हैं—इन सवालों के जवाब अब पुलिस जांच से सामने आने की उम्मीद है।फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती अस्पतालों में भर्ती मरीजों की जान बचाने की है। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं, वहीं पुलिस नकली शराब के कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।नोट: मौतों और शराब में मिथाइल अल्कोहल की मौजूदगी जैसे तथ्य जांच/चिकित्सकीय पुष्टि के अधीन हैं।

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