जोहान्सबर्ग, 22 नवंबर 2025 (,PIB)— G20 समिट के पहले सत्र में “समावेशी एवं टिकाऊ आर्थिक विकास” पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार महत्वाकांक्षी प्रस्ताव पेश किए, जो विकास के नए, संतुलित मार्ग की ओर इंगित करते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दशकों में G20 आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने में सफल रहा, लेकिन इस विकास मॉडल ने बहुत बड़ी आबादी को संसाधनों से वंचित रखा और प्रकृति के अतिदोहान को बढ़ावा दिया है
मोदी ने विकास की पुनः परिभाषा की मांग करते हुए “इंटीग्रल ह्यूमनिज्म” की अवधारणा को पेश किया, जिसमें मानव, समाज और प्रकृति को एक समग्र रूप में देखा जाता है। उन्होंने चार प्रमुख प्रस्तावों की रूपरेखा पेश की
- ग्लोबल ट्रैडिशनल नॉलेज रिपॉजिटरी — पारंपरिक जीवनशैली और ज्ञान को संरक्षित करने के लिए।
- G20-अफ्रीका स्किल्स मल्टीप्लायर पहल — ट्रेन-द-ट्रेनर्स मॉडल के तहत अगले 10 वर्षों में अफ्रीका में 1 मिलियन प्रशिक्षित ट्रेनर तैयार करने का लक्ष्य।
- ग्लोबल हेल्थकेयर रिस्पांस टीम — स्वास्थ्य आपातकाल और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए त्वरित तैनाती योग्य मेडिकल विशेषज्ञों की टीम।
- ड्रग-टेरर नेक्सस से मुकाबला — फेंटेनिल जैसे खतरनाक ड्रग्स के व्यापार को रोकने के लिए वित्त, गवर्नेंस और सुरक्षा के उपकरणों को जोड़ने की वैश्विक पहल।
मोदी ने अफ्रीकी युवाओं और स्थानीय क्षमता को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह पहल G20 और ग्लोबल साउथ की आवाज को और अधिक सामर्थ्य देंगी। उन्होंने कहा कि अब समय केवल घोषणाओं का नहीं, बल्कि निर्णायक कार्रवाई का है, ताकि विकास न केवल आर्थिक बल्कि मानव और प्राकृतिक मूल्यों के साथ संतुलित हो।

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