सेहत का खजाना: औषधीय गुणों से भरपूर अमरूद
अमरूद के फल, पत्ते, छाल और जड़ का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है।
पाचन तंत्र के लिए लाभकारी— अमरूद में प्रचुर मात्रा में रेशा (फाइबर) होता है, जो कब्ज दूर करता है, कच्चा अमरूद दस्त में लाभ देता है, इसकी पत्तियों का काढ़ा गैस और अपच में उपयोगी है।
मधुमेह (डायबिटीज) में सहायक— अमरूद की पत्तियों की चाय रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करती है, इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसलिए मधुमेह रोगियों के लिए सुरक्षित माना जाता है (सीमित मात्रा में)।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए— इसमें संतरे से भी अधिक विटामिन C पाया जाता है, सर्दी-जुकाम और संक्रमण से बचाव में सहायक।
हृदय स्वास्थ्य— पोटैशियम और फाइबर रक्तचाप को संतुलित रखने में सहायक, कोलेस्ट्रॉल कम करने में मददगार।
त्वचा एवं घाव भरने में— अमरूद की पत्तियों को पीसकर लगाने से मुंहासे कम होते हैं, पत्तियों का लेप घाव भरने में सहायक।
मुंह और दांतों के लिए— पत्तियों का काढ़ा कुल्ला करने से मसूड़ों की सूजन और मुंह के छाले ठीक होते हैं, दांत दर्द में भी लाभकारी।
एंटीऑक्सीडेंट गुण— इसमें लाइकोपीन, क्वेरसेटिन जैसे तत्व पाए जाते हैं, कैंसर की रोकथाम में सहायक माने जाते हैं (विशेषकर प्रोस्टेट कैंसर में)।
दस्त में: 4–5 कोमल पत्तियों का काढ़ा बनाकर दिन में 2 बार।
मधुमेह में: सूखी पत्तियों की चाय।
मुंह के छाले में: पत्ते चबाना या काढ़े से कुल्ला।
नोट: — अधिक मात्रा में सेवन से पेट में गैस हो सकती है, कच्चा अमरूद अधिक मात्रा में न खाएँ, गंभीर बीमारी में चिकित्सक की सलाह आवश्यक है।
