नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2025 – टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने एक ऐसी तकनीक की घोषणा की है, जो कार ड्राइविंग को और भी आसान और आधुनिक बनाने वाली है। मस्क ने अपने हालिया एक्स पोस्ट में बताया कि निकट भविष्य में टेस्ला की कारें आपको दुकान या मॉल के प्रवेश द्वार पर छोड़कर खुद पार्किंग स्थान ढूंढ लेंगी। जब आप खरीदारी पूरी कर लें, तो बस अपने फोन पर ‘समन’ (Summon) बटन दबाइए, और आपकी कार आपके पास वापस आ जाएगी। यह नई सुविधा टेस्ला के फुल सेल्फ-ड्राइविंग (एफएसडी) सॉफ्टवेयर वर्जन 14 का हिस्सा है, जो अक्टूबर 2025 में रोलआउट हो चुका है।
तकनीक का जादू: कैसे काम करेगा यह फीचर?
टेस्ला का यह नया फीचर, जिसे ‘एक्टुअली स्मार्ट समन’ और ‘ऑटो-पार्क’ कहा जा रहा है, कारों को स्वचालित रूप से पार्किंग स्थल पर नेविगेट करने और खाली जगह ढूंढने में सक्षम बनाता है। उदाहरण के लिए, आप किसी मॉल में खरीदारी के लिए जाते हैं। कार आपको प्रवेश द्वार पर उतार देगी और फिर अपने आप पार्किंग लॉट में खाली जगह ढूंढकर पार्क कर लेगी। जब आप तैयार हों, तो टेस्ला ऐप पर ‘समन’ बटन दबाने से कार वापस आपके पास आ जाएगी। यह फीचर टेस्ला के उन्नत सेंसर, कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आधारित है, जो कार को जटिल पार्किंग क्षेत्रों में सुरक्षित नेविगेशन की क्षमता देता है।एलन मस्क ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, “निकट भविष्य में, आपकी टेस्ला आपको दुकान के प्रवेश द्वार पर छोड़ देगी और फिर खुद पार्किंग ढूंढ लेगी। जब आप बाहर निकलने को तैयार हों, तो बस फोन पर समन टैप करें, और कार आपके पास आ जाएगी।”
क्या है नया?
यह फीचर टेस्ला के एफएसडी वर्जन 14 का हिस्सा है, जिसे 2025 में लॉन्च किया गया। इस अपडेट में ‘स्मार्ट समन’ को और बेहतर किया गया है, जो पहले के वर्जनों में भी मौजूद था, लेकिन अब यह अधिक सटीक और विश्वसनीय है। सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी न्यूज साइट्स जैसे टेस्लाराटी और इलेक्ट्रेक के अनुसार, उपयोगकर्ताओं ने वीडियो शेयर किए हैं, जिसमें टेस्ला कारें भीड़भाड़ वाले पार्किंग क्षेत्रों में आसानी से नेविगेट करती और स्टोर के सामने पहुंचती दिख रही हैं। हालांकि, यह फीचर अभी ‘सुपरवाइज्ड’ मोड में है, यानी ड्राइवर को फोन के जरिए कार पर नजर रखनी पड़ती है। टेस्ला का दावा है कि 2026 तक यह फीचर पूरी तरह से स्वायत्त (अनसुपरवाइज्ड) हो सकता है।
भारतीय बाजार के लिए महत्व
भारत में, जहां ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या बड़े शहरों में आम है, यह फीचर गेम-चेंजर साबित हो सकता है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे शहरों में पार्किंग की तलाश में समय और ईंधन की बर्बादी आम बात है। टेस्ला की यह तकनीक न केवल समय बचाएगी, बल्कि ट्रैफिक जाम को कम करने में भी मदद कर सकती है। हालांकि, टेस्ला ने अभी भारत में अपनी कारों की बिक्री शुरू नहीं की है, लेकिन कंपनी ने 2024 में पुणे के पास एक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की योजना की घोषणा की थी। यह फीचर भारतीय ग्राहकों के लिए तब उपलब्ध होगा, जब टेस्ला आधिकारिक रूप से भारत में लॉन्च होगी।
चुनौतियाँ और भविष्य
विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक प्रभावशाली है, लेकिन इसे पूरी तरह लागू करने में कुछ चुनौतियाँ हैं। भारतीय सड़कों की जटिलता, अनियमित पार्किंग सिस्टम और पैदल यात्रियों की भीड़ इस फीचर के लिए चुनौती पेश कर सकती है। इसके अलावा, स्वायत्त ड्राइविंग से जुड़े नियम और कानून भारत में अभी पूरी तरह विकसित नहीं हैं। टेस्ला को इन नियमों के अनुरूप अपनी तकनीक को ढालना होगा।मस्क ने यह भी संकेत दिया है कि यह फीचर टेस्ला के महत्वाकांक्षी ‘रोबोटैक्सी’ प्रोजेक्ट का हिस्सा हो सकता है, जिसे 2026 में लॉन्च करने की योजना है। रोबोटैक्सी पूरी तरह से स्वायत्त वाहन होंगे, जो बिना ड्राइवर के यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाएंगे।
टेस्ला की यह नई तकनीक न केवल ड्राइविंग को सुविधाजनक बनाएगी, बल्कि भविष्य की स्वायत्त गतिशीलता की दिशा में एक बड़ा कदम है। भारत जैसे बाजारों में इसकी सफलता सड़कों की स्थिति और नियमों पर निर्भर करेगी। अगर आप टेस्ला के इस फीचर के बारे में और जानना चाहते हैं, तो टेस्ला की आधिकारिक वेबसाइट (tesla.com) या एलन मस्क के एक्स प्रोफाइल (@elonmusk) पर अपडेट्स देख सकते हैं
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