नई दिल्ली। भारत सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के पहले आठ महीनों के आंकड़े जारी किए । जिसमें केंद्र सरकार की आय–व्यय रिपोर्ट जारी की है ।
रिपोर्ट के अनुसार नवंबर 2025 तक केंद्र सरकार को कुल 19,49,239 करोड़ रुपये की प्राप्तियां हुईं, जो वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुमानित कुल प्राप्तियों का 55.7 प्रतिशत है। इसमें सबसे बड़ा योगदान कर राजस्व का रहा। इस अवधि में केंद्र को 13,93,946 करोड़ रुपये का शुद्ध कर राजस्व प्राप्त हुआ। इसके अलावा 5,16,366 करोड़ रुपये गैर-कर राजस्व के रूप में और 38,927 करोड़ रुपये गैर-ऋण पूंजी प्राप्ति हुई ।
केंद्र सरकार ने इस दौरान राज्य सरकारों को करों में हिस्सेदारी के रूप में 9,36,561 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए। यह राशि पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 1,24,498 करोड़ रुपये अधिक है, जो राज्यों के वित्तीय संसाधनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी है।
व्यय की बात करें तो नवंबर 2025 तक भारत सरकार का कुल खर्च 29,25,910 करोड़ रुपये रहा, जो पूरे वर्ष के बजट अनुमान का 57.8 प्रतिशत है। इसमें 22,67,700 करोड़ रुपये राजस्व मद के अंतर्गत तथा 6,58,210 करोड़ रुपये पूंजीगत मद के तहत व्यय किए गए।
राजस्व व्यय में सबसे बड़ा हिस्सा ब्याज भुगतान का रहा। इस मद में 7,45,765 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि खाद्य, उर्वरक और पेट्रोलियम जैसी प्रमुख सब्सिडियों पर कुल 2,88,333 करोड़ रुपये व्यय हुए।
कुल मिलाकर नवंबर 2025 तक के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि सरकार एक ओर जहां कर संग्रह और गैर-कर आय के जरिए संसाधन जुटा रही है, वहीं दूसरी ओर राज्यों को समय पर संसाधन हस्तांतरित करने और पूंजीगत व्यय के माध्यम से आर्थिक मजबूती को गति देने पर भी जोर दे रही है।
