जयपुर। राजस्थान में कल आयोजित होने वाली SI भर्ती 2025 परीक्षा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। इसी क्रम में (एडीजी, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) ने परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार परीक्षा के दौरान पहली बार बड़े स्तर पर टावर डंप तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक नकल उपकरणों पर प्रभावी रोक लगाना है। इस तकनीक के जरिए परीक्षा केंद्रों के आसपास सक्रिय मोबाइल डिवाइस की गतिविधियों की निगरानी की जा सकेगी, जिससे संदिग्ध कनेक्टिविटी या ब्लूटूथ के इस्तेमाल की जानकारी तुरंत मिल सकेगी।
सूत्र बताते हैं कि टावर डंप तकनीक न केवल ब्लूटूथ आधारित नकल को पकड़ने में सहायक होगी, बल्कि किसी भी प्रकार के संगठित नकल नेटवर्क, संदिग्ध कॉल या डेटा ट्रांसमिशन जैसी गतिविधियों पर भी नजर रखने में कारगर साबित हो सकती है। इसके साथ ही प्रदेश के उन 26 जिलों में, जहां परीक्षा आयोजित हो रही है, SOG की विशेष टीमें तैनात की जाएंगी, जो स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेंगी। संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को समय रहते रोका जा सके।
हालांकि इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश संबंधित परीक्षा एजेंसी और जिला प्रशासन स्तर पर जारी किए जाते हैं, लेकिन उपलब्ध जानकारी और अधिकारियों के बयानों के आधार पर यह स्पष्ट है कि इस बार परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और नकलमुक्त बनाने के लिए हाई-टेक निगरानी व्यवस्था लागू की जा रही है। पिछले भर्ती परीक्षाओं में सामने आए विवादों को देखते हुए सरकार और SOG इस बार कोई भी ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं।

