माता के जागरण में कब्बाली सुनाने पर बवाल: भजन गायक जॉन अजमेरी का विरोध

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अजमेर: माता के जागरण के दौरान भजन गायक जॉन अजमेरी द्वारा अन्य धर्म की कब्बाली सुनाए जाने से सनातन धर्म के अनुयायियों में नाराजगी फैल गई। घटना अजमेर के एक मंदिर में आयोजित जागरण कार्यक्रम की है, जहाँ भजन गायक ने धार्मिक अनुष्ठान के बीच में कब्बाली प्रस्तुत की, जो कुछ लोगों को स्वीकार्य नहीं हुई।

घटना का विवरण:

जानकारी के अनुसार, बुधवार रात को अजमेर के एक प्रमुख मंदिर में माता के जागरण का आयोजन किया गया था। इस दौरान भजन गायक जॉन अजमेरी को आमंत्रित किया गया था, जिन्होंने अपने भजनों से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लेकिन कार्यक्रम के मध्य में जॉन ने एक कब्बाली प्रस्तुत की, जो कुछ हिंदू अनुयायियों को अन्य धर्म से जुड़ी हुई महसूस हुई।

विरोध की शुरुआत:

जैसे ही जॉन ने कब्बाली शुरू की, कुछ भक्तों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि जागरण के धार्मिक माहौल में अन्य धर्म की कब्बाली का गाना ठीक नहीं था। विरोध बढ़ता गया और भजन गायक के खिलाफ तीखी नारेबाजी की गई। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित कुछ लोग इस घटना को लेकर आक्रोशित हो गए, जिसके कारण एक हलचल मच गई।

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संगठन का बयान:

संगठन के एक सदस्य ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों में केवल हिंदू धार्मिक भजन और गीत ही होने चाहिए, ताकि भक्तों की श्रद्धा और आस्था पर कोई प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल माता के भजन गाना था, लेकिन यह घटना हमारे धर्म का अपमान करती है। हम इस मुद्दे को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग करते हैं।”

जॉन अजमेरी का बयान:

वहीं, भजन गायक जॉन अजमेरी ने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ भगवान की भक्ति करना था और उन्होंने किसी धर्म का अपमान नहीं किया। उन्होंने कहा, “मैंने कब्बाली का गाना केवल धार्मिक भावना से गाया था, लेकिन अगर यह किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं खेद व्यक्त करता हूं।”

अधिकारियों की प्रतिक्रिया:

स्थानीय पुलिस और आयोजकों ने मामले को शांति से सुलझाने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह मामला फिलहाल शांत है, और किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

सोशल मीडिया पर वायरल:

यह घटना सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई है, जहां लोग इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग जॉन अजमेरी के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि यह एक कलाकार की स्वतंत्रता का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।

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