Breaking:रीवा: सिरमौर एसडीएम को रोझौही के ग्रामीणों के तीखे विरोध का सामना, न्यूक्लियर पावर प्लांट के खिलाफ अड़ी जनता

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सरई कला में हंगामा: कंपनी के पक्ष में उतरी प्रशासन की टीम, ग्रामीणों ने नकारा प्लांट// रीवा: रोझौही में न्यूक्लियर पावर प्लांट के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सिरमौर एसडीएम को करना पड़ा तीखा विरोध का सामना// टाटा के न्यूक्लियर पावर प्लांट पर अड़ी जनता: सिरमौर एसडीएम और कंपनी अधिकारीयों का संवाद रहा बेनतीजा, हजारों ग्रामीणों ने किया विरोध// सुरक्षा और पर्यावरण की लड़ाई: रोझौही में न्यूक्लियर प्लांट के विरोध में डटे ग्रामीण, अधिकारियों के तमाम प्रयास फेल//

रीवा (मध्य प्रदेश):

रीवा के रोझौही सरई कला में प्रस्तावित टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संवाद, सुरक्षा और पर्यावरण को लेकर ग्रामीणों ने जताई आपत्ति।

दिनांक 10 अक्टूबर 2026 को सिरमौर तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत सरई कला (रोझौही) में टाटा कंपनी द्वारा प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर चल रहा गतिरोध और गहरा गया है। प्लांट के विरोध में हजारों की संख्या में जुटें ग्रामीणों ने प्रशासन और कंपनी के प्रतिनिधियों के सामने जमकर नारेबाजी की और साफ कर दिया कि वे किसी भी कीमत पर अपने क्षेत्र में न्यूक्लियर पावर प्लांट नहीं लगने देंगे।

जनता के टैक्स पर पलने वाले जनता से इतर कंपनी के पक्ष में खड़े नजर आए अधिकारी

क्षेत्र की समस्याओं और संवाद के लिए पहुंची सिरमौर एसडीएम सृष्टि जायसवाल, नायब तहसीलदार बिंदु तिवारी, थाना प्रभारी बैकुंठपुर श्रृंगेश राजपूत और चौकी प्रभारी लालगांव शैल यादव को ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा।मौके पर मौजूद ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी आम जनता की बात सुनने के बजाय टाटा कंपनी के प्रतिनिधियों और उनके एडवाइजर्स के पक्ष में माहौल बनाते नजर आए। संवाद के दौरान अधिकारियों ने प्लांट के कथित फायदे गिनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन जब ग्रामीणों ने संभावित हादसों और सुरक्षा की गारंटी को लेकर सवाल किए, तो कंपनी और प्रशासन के नुक्कड़ अधिकारी पीछे हट गए।

सामाजिक कार्यकर्ता पर दबाव बनाने का आरोप

संवाद के दौरान उस समय माहौल गरमा गया जब एसडीएम सृष्टि जायसवाल ने सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी पर ग्रामीणों को भ्रमित करने का आरोप लगाया। हालांकि, जब मीडिया और ग्रामीणों से बातचीत की गई, तो जनता ने स्वतः स्पष्ट किया कि वे किसी के बहकावे में नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए खुद संघर्ष कर रहे हैं। शिवानंद द्विवेदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह किसी के दबाव में आने वाले नहीं हैं और क्षेत्र के पर्यावरण तथा जीवन की रक्षा के लिए जनता के साथ मजबूती से खड़े हैं। ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं पर अधिकारियों द्वारा दबाव बनाने के अब तक के तमाम प्रयास नाकाम साबित हुए।

बिना किसी नतीजे के समाप्त हुई बैठक

हजारों ग्रामीणों की मौजूदगी में हुआ यह संवाद पूरी तरह बेनतीजा रहा। जागरूक जनता ने एक स्वर में न्यूक्लियर पावर प्लांट का पुरजोर विरोध किया। बैठक में जिला पंचायत रीवा सदस्य मृत्युंजय मिश्रा, ‘आप’ नेता प्रमोद कुमार शर्मा, उपसरपंच प्रतिनिधि लवकुश तिवारी, सरपंच प्रतिनिधि संजय सिंह, पत्रकार आनंद द्विवेदी, लालगांव उपसरपंच प्रतिनिधि लवकुश तिवारी,, लक्ष्मण कोल, रामसुजान कोल, दयानंद कोल, राधे कोल, छोटेलाल कोल, रामकरण प्रजापति, अमरीश पांडेय, चंद्रभूषण द्विवेदी, अरविंद पांडेय, अमित बहेलिया, गोलू पाल, मोतीलाल बहेलिया समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और टाटा कंपनी के प्रतिनिधि परशुराम मिश्रा व कंपनी एडवाइजर श्री जैन उपस्थित रहे। फिलहाल, रोझौही और सरई कला के ग्रामीणों के कड़े रुख को देखते हुए यह साफ है कि जनता अपने पर्यावरण और जीवन की सुरक्षा को लेकर किसी भी समझौते के मूड में नहीं है।

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