!! माँ शैलपुत्री !!
नवरात्रि के दौरान देवी शैलपुत्री की पूजा का पहला दिन
मनपसंद फूल — चमेली
अर्थ — पहाड़ों की पुत्री
माता दुर्गा के पहले रूप का नाम शैलपुत्री है, शैल का मतलब होता है “शिखर” और पुत्री का अर्थ होता है “बेटी” ! प्रथम या नवरात्रि का पहला दिन माँ दुर्गा के पहले अवतार को समर्पित होता हैं इस दिन शैलपुत्री माता को श्रद्धालु पीले वस्त्र पहनकर पूजते है और माता को घी चढ़ाते हैं। पार्वती और हेमवती भी इसी देवी के अन्य नाम है।
मंत्र— ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥
प्रार्थना—
वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥
स्तुति—
ॐ या देवी सर्वभूतेषु मां शैलपुत्री रुपेण
संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
स्तोत्र—
प्रथम दुर्गा त्वंहि भवसागर: तारणीम्।
धन ऐश्वर्य दायिनी शैलपुत्री प्रणमाभ्यहम्॥
त्रिलोकजननी त्वंहि परमानंद प्रदीयमान्।
सौभाग्यारोग्य दायनी शैलपुत्री प्रणमाभ्यहम्॥
चराचरेश्वरी त्वंहि महामोह विनाशिनि।
भुक्ति, मुक्ति दायिनी शैलपुत्री प्रणमाभ्यहम्॥
कवच—
ॐकारः में शिरः पातु मूलाधार निवासिनी।
हींकारः पातु ललाटे बीजरूपा महेश्वरी ॥
श्रींकार पातु वदने लावण्या महेश्वरी।
हुंकार पातु हृदयम् तारिणी शक्ति स्वघृत ॥
फट्कार पातु सर्वाङ्गे सर्व सिद्धि फलप्रदा ॥
ध्यान—
वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥
“पूर्णेन्दुनिभां गौरी मूलाधार स्थितां प्रथम दुर्गा त्रिनेत्राम्।
पटांबरपरिधानां रत्नकिरीटां नानालंकारभूषिताम्॥
प्रफुल्ल वदनां पल्लवाधरां कांतकपोलां तुंग कुचाम्॥”
कमनीयां लावण्यां स्नेमुखी क्षीणमध्यां नितम्बनीम्।
आरती —
!!ॐ श्री गणेशाय नमः!!
शैलपुत्री मां बैल असवार, करें देवता जय जयकार।
शिव शंकर की प्रिय भवानी, तेरी महिमा किसी ने ना जानी।
पार्वती तू उमा कहलावे, जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू, दया करे धनवान करे तू।
सोमवार को शिव संग प्यारी, आरती तेरी जिसने उतारी।
उसकी सगरी आस पुजा दो, सगरे दुख तकलीफ मिटा दो।
घी का सुंदर दीप जला के, गोला गरी का भोग लगा के।
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं, प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं।
जय गिरिराज किशोरी अम्बे, शिव मुख चंद्र चकोरी अम्बे।
मनोकामना पूर्ण कर दो, भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।
🔱 जय माता दी! 🔱
शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ भईया…
माँ दुर्गा की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशियों का आगमन हो।
माँ जगदम्बा सभी कष्टों को हरें, मन को शक्ति, विचारों को पवित्रता और कर्मों को सफलता प्रदान करें। घर-आँगन में सदैव सुख-समृद्धि का वास रहे और जीवन का हर नया दिन नई आशा लेकर आए,
माँ, जीवन से अंधकार मिटाकर विश्वास, साहस और उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करें।
🙏🏻जय माँ,जय माँ,जय माँ 🪔
