50 फीट तक हवा में उड़ा व्यक्ति, 100 फीट दूर जा गिरा। 104 लोगों की मौत, सैकड़ों गांव तबाही की चपेट में
नईदिल्ली,लखनऊ (एजेंसी) | उत्तर प्रदेश में बुधवार को आए चक्रवाती तूफान और मूसलाधार बारिश ने पूरे प्रदेश को दहला कर रख दिया। तेज हवाओं और बारिश ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई। कहीं पेड़ धराशायी हो गए, कहीं बिजली के खंभे उखड़ गए, तो कहीं कच्चे मकान मलबे में बदल गए। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 104 लोगों की मौत की खबर है, जबकि सैकड़ों लोग घायल बताए जा रहे हैं।
सबसे दर्दनाक घटना बरेली जिले से सामने आई, जहां एक ई-रिक्शा चालक तेज आंधी के दौरान टीनशेड पकड़कर खुद को बचाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन हवा इतनी भयावह थी कि टीनशेड सहित वह व्यक्ति करीब 50 फीट तक हवा में उड़ गया और लगभग 100 फीट दूर खेत में जा गिरा। हादसे में उसके हाथ-पैर टूट गए और शरीर गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग सहम उठे हैं।
प्रयागराज, सीतापुर, बहराइच, प्रतापगढ़, पीलीभीत और कई अन्य जिलों में सैकड़ों पेड़ गिरने से सड़कें बंद हो गईं। बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और कई गांव घंटों अंधेरे में डूबे रहे। तेज बारिश और तूफान से किसानों की फसलें भी बर्बाद हो गईं, जिससे ग्रामीण इलाकों में भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
प्राकृतिक जानकारों का मानना है कि लगातार बढ़ता तापमान और बिगड़ता पर्यावरण अब प्रकृति के रौद्र रूप को जन्म दे रहा है। यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण की दिशा में गंभीर कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में ऐसी घटनाएं और अधिक विनाशकारी रूप ले सकती हैं।
यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रकृति की खुली चेतावनी है —
“अब भी संभल जाओ, वरना अगली तबाही इतिहास नहीं, वर्तमान बनेगी।”
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