राज्य बनाने की मांग पर चला शांतिपूर्ण आंदोलन हिंसक हुआ; चार लोगों की मौत, सुरक्षा कारणों से हाई-सिक्योरिटी जेल में रखा गया
लद्दाख/जोधपुर, 26 सितम्बर – लद्दाख को राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन ने हिंसा का रूप धारण कर लिया। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए।
आंदोलन का नेतृत्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद और मैग्सेसे अवॉर्ड विजेता सोनम वांगचुक कर रहे थे। उन्होंने भूख हड़ताल कर सरकार से लद्दाख की जमीन, संसाधन और संस्कृति की सुरक्षा की मांग की थी।
24 सितम्बर को लेह में शांतिपूर्ण प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। भीड़ ने सरकारी वाहन और दफ्तरों में आग लगा दी। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। हिंसा के बाद प्रशासन ने कर्फ्यू लगाया और इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दीं।
26 सितम्बर को पुलिस ने वांगचुक को गिरफ्तार कर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की। सरकार का आरोप है कि उनके बयानों से लोग भड़के और हिंसा हुई। उनकी संस्था पर विदेशी फंड में गड़बड़ी का भी आरोप लगाया गया है। वांगचुक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका आंदोलन हमेशा शांतिपूर्ण रहा है।
सुरक्षा कारणों से उन्हें लद्दाख से निकालकर राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल भेजा गया। उन्हें हाई-सिक्योरिटी वार्ड में रखा गया है और 24 घंटे निगरानी की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी ने लद्दाख और देशभर में चर्चा तेज कर दी है।
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