अजमेर । अजमेर जिले की भिनाय पंचायत समिति अंतर्गत देवलियाकला ग्राम पंचायत में सामने आए बहुचर्चित पट्टा घोटाले ने अब प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में शिकायतकर्ता शिवराज सिंह को बढ़ते जनसमर्थन के बीच पूर्व सरपंच फतेहचंद महात्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर, जिला परिषद सीईओ और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल ने भिनाय BDO और SHO की कार्यशैली पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि पूरा मामला राजनीतिक दबाव में दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत कार्यालय में हुई आगजनी घटना भी संदिग्ध है और इसे साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से अंजाम दिया गया हो सकता है।
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जिला कलेक्टर ने मामले को गंभीर मानते हुए स्वीकार किया कि लापरवाही बरती गई है। उन्होंने बताया कि संबंधित VDO को पहले ही निलंबित किया जा चुका है और छह अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। वहीं प्रशासक के खिलाफ धारा 38 के तहत कार्रवाई की अनुशंसा संभागीय आयुक्त को भेजी गई है।
जिला परिषद सीईओ ने भी जांच में तेजी लाने और नए बिंदुओं को शामिल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा। आगजनी मामले में पुलिस जांच जारी है और 15 दिन में रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से मुलाकात में प्रतिनिधिमंडल ने SHO पर निष्पक्ष जांच न करने का आरोप लगाया और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। इस पर एडीशनल एसपी ने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया।(SR)
