अजमेर: प्राचीन मंदिर हरि हर महादेव,पुष्कर से संतो को निजी संपत्ति बताकर बाहर निकालने पहुंचा सौरभ कपूर

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डिप्टी मेयर और सौरभ कपूर की भूमिका पर उठे सवाल

अजमेर27 दिसम्बर

अजमेर की अरावली पर्वतमाला की तलहटी में, पुष्कर घाटी स्थित सांझी छत के सामने बने प्राचीन हरिहर महादेव मंदिर एक बार फिर विवादों के घेरे में है। यह वही स्थल है, जो दशकों तक जुना अखाड़े के अंतर्गत गिरी परिवार के संतों की देखरेख में सनातन परंपरा का जीवंत केंद्र रहा है । लेकिन आज उस पर निजी हितों और राजनीतिक दबाव की छाया मंडराती दिखाई दे रही है।

स्थानीय सनातन संगठनों का आरोप है कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से अजमेर के नंदलाल कपूर जो कि रेलवे कर्मचारी था । उसके परिवार द्वारा इस स्थल पर तथाकथित निजी स्वामित्व का दावा किया जाता रहा। इसी दावे के चलते तत्कालीन रह रहे संत की समाधि स्थापित होने के बाद से किसी भी दूसरे संत या पुजारी को मंदिर परिसर में रहने नहीं दिया गया।

1996 में बजरंग दल द्वारा इस स्थल को संत निवास बनाने का प्रयास किया गया था, जिसे उस समय राजनीतिक दबाव में रोक दिया गया। स्थानीय अखबारों में यह विवाद प्रमुखता से प्रकाशित हुआ, लेकिन तत्कालीन सरकार के सत्ता-संरक्षण के चलते यह स्थान धीरे-धीरे शराबियों, स्मैकियों, नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया।

सनातन संगठनों के अनुसार इसी दौरान मंदिर में स्थापित शिव परिवार की मूर्तियां और शिवलिंग तोड़ दिए गए, कमरों के दरवाजे-खिड़कियां निकाल ली गईं और संतों के ध्यान केंद्र के रूप में बनी गुफा को मिट्टी से भर दिया गया। यह सब वर्षों तक प्रशासन की नजरों के सामने होता रहा।

शनिवार (छुट्टी के दिन) को स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब सौरभ कपूर (निजी शिक्षण संस्था में कार्यरत) अपने साथ वन विभाग के कर्मियों का दल लेकर मंदिर परिसर पहुंचा और वहां निवास कर रहे संतों को बाहर निकालने की धमकी देने लगा। यह खबर जैसे ही फैली, मौके पर मौजूद बजरंग दल और सनातन संघ के कार्यकर्ताओं के साथ मीडिया पहुंची और सौरभ कपूर से मालिकाना दस्तावेज दिखाने को कहा, लेकिन उन्होंने टालमटोल करते हुए कार्यकर्ता सुरेन्द्र जैन से स्थान खाली करने को कहा।

घटना की सूचना मिलते ही अजमेर के सनातनी युवाओं का मौके पर जमावड़ा लगने लगा। सभी ने सौरभ कपूर से दस्तावेज दिखाने की मांग की, लेकिन वह जवाब देने से बचता रहा । साथ आए वन कर्मियों ने बताया कि उन्हें सूचना दी गई थी कि वन विभाग की भूमि पर भू माफिया कब्जा कर निर्माण कर रहा है। जबकि मौके पर पहुंचे वन विभाग और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यह भूमि वन विभाग की है वर्तमान स्थिति की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई।

यहां संत अपने धूणे पर गुरु दत्तात्रेय के साथ स्थापित हनुमान जी, भैरू जी और माता रानी की पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

सनातन संघ के कार्यकर्ता सुरेन्द्र जैन ने खुलासा किया कि कुछ दिन पहले सौरभ कपूर का भाई अपने साथियों के साथ आया था और “जगह खाली नहीं की तो अंजाम भुगतने ” का कहकर धमकी देकर चला गया था।

इसी क्रम में आज नगर निगम के डिप्टी मेयर का सुरेन्द्र जैन के पास फोन आया। आरोप है कि डिप्टी मेयर ने दो घंटे में स्थान खाली करने की धमकी दी और ऐसा नहीं करने पर पुलिस बल भेजने की बात कही। इसके कुछ ही समय बाद सौरभ कपूर पुलिस और वन विभाग के दल के साथ मौके पर पहुंच गया।

सनातन संघ और भारतीय सुभाष सेना के कार्यकर्ता महेंद्र आर्य ने बताया कि नंदलाल कपूर केवल संतों की सेवा करते थे।  उनकी मृत्यु के बाद उनके परिवार के किसी भी सदस्य ने  वर्षों तक इस स्थल की सुध नहीं ली, जिसके कारण यह असामाजिक तत्वों का गढ़ बन गया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कपूर परिवार की पीढ़ियों ने इस स्थान को बेचने और यहां रेस्टोरेंट जैसी व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने के भी पूर्व में प्रयास किए गए थे । लेकिन वन भूमि होने के कारण उन्हें खरीदार नहीं मिला।

पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर DFO अजमेर ने दोनों पक्षों को सोमवार को कार्यालय बुलाकर दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल मौके पर किसी भी प्रकार का नया निर्माण नहीं पाया गया।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि—

जो नेता स्वयं को सनातन रक्षक बताते हैं, वह वन विभाग की भूमि पर स्थित प्राचीन मंदिर को किस आधार पर निजी संपत्ति बता रहे हैं? 

और क्या ऐसे नेताजी की मानसिकता अपने पद का रौब दिखाकर बिना सत्य जाने संतों को बाहर निकालने का प्रयास सनातन विरोधी मानसिकता को उजागर नहीं करता?

वर्तमान में स्थल पर महंत बाबा बालक नाथ जी और माखन गिरी जी निवास कर रहे हैं। अंत में सभी सनातन प्रेमियों ने संतों के साथ हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया। पूरा क्षेत्र “जय श्रीराम” और “हर-हर महादेव” के नारों से गूंज उठा।

यह केवल एक मंदिर का विवाद नहीं,

यह सनातन धरोहर और आने वाली पीढ़ियों की आस्था को बचाने की लड़ाई है।

घटना का वीडियो देखें:

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