सिविल लाइंस थाना पुलिस ने कोटा से दबोचा, कोर्ट में पेशी के बाद भेजा न्यायिक अभिरक्षा में
अजमेर। अजमेर स्थित महिला बंदी सुधार गृह से नियमों को ताक पर रखकर दो महिला बंदियों को बाहर ले जाने के बहुचर्चित मामले में सिविल लाइंस थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने जेल की तत्कालीन प्रभारी जेलर दिव्या चौधरी को कोटा से गिरफ्तार कर लिया है। जिस जेल की वे कभी प्रशासनिक मुखिया थीं, अब कानूनी शिकंजा कसने के बाद उन्हें भी सलाखों के पीछे जाने की नौबत आ गई है।
क्या था पूरा मामला प्रकरण 12 जुलाई का है। आरोप है कि महिला जेल की तत्कालीन कार्यवाहक जेलर दिव्या चौधरी और जेल प्रहरी सोनिया चौधरी ने मिलीभगत कर जेल में बंद दो महिला कैदियों को बिना किसी सक्षम कानूनी आदेश, पैरोल या प्रोडक्शन वारंट के जेल की चारदीवारी से बाहर निकाल लिया। इनमें से एक महिला कैदी हत्या के मामले में आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा काट रही है, जबकि दूसरी भी सजायाफ्ता बंदी है। दोनों को निजी वाहन में बैठाकर शहर स्थित निजी फ्लैट पर ले जाया गया।
घरेलू काम करवाने का आरोप पुलिस और विभागीय जांच में यह तथ्य सामने आया कि जेलर दिव्या चौधरी दोनों सजायाफ्ता महिला बंदियों को अपने निजी आवास पर साफ-सफाई व घरेलू कार्य करवाने के मकसद से लेकर गई थीं। कुछ घंटों तक काम कराने के बाद दोनों बंदियों को वापस लाकर जेल में दाखिल करवा दिया गया। घटना के वक्त मुख्य द्वार पर तैनात ड्यूटी प्रहरी महिपाल चौधरी ने नियमों का हवाला देकर कैदियों को बाहर ले जाने का कड़ा विरोध किया था, लेकिन तत्कालीन जेलर ने पद का रौब दिखाकर उनकी आपत्ति को दरकिनार कर दिया।
मुख्यालय ने किया था निलंबित, 5 अगस्त को दर्ज हुई थी प्राथमिकी मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पर महकमे में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक विभागीय जांच में सुरक्षा में भारी चूक और पद के गंभीर दुरुपयोग की पुष्टि होने पर कारागार मुख्यालय ने दिव्या चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। इसके बाद जेल प्रशासन की ओर से 5 अगस्त को अजमेर के सिविल लाइंस थाने में दिव्या चौधरी, सोनिया चौधरी और दोनों बंदियों के विरुद्ध विभिन्न आपराधिक धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया।
कोटा से गिरफ्तारी, सलाखों के पीछे की तैयारी मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही सिविल लाइंस थाना पुलिस मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही थी। पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी निलंबित जेलर दिव्या चौधरी को कोटा से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर अग्रिम कानूनी अनुसंधान शुरू किया। रिमांड व पूछताछ के बाद अदालत के आदेशानुसार उन्हें न्यायिक अभिरक्षा (जेल) भेजा गया ।
