रीवा। मनगवां विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रोझौही में प्रस्तावित टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर विरोध का सिलसिला लगातार जारी है। परियोजना के विरोध में चल रहे अनिश्चितकालीन क्रमिक धरने के छठवें दिन 31 अक्टूबर को जिला कांग्रेस कमेटी रीवा के निर्देश पर कांग्रेस नेताओं एवं हिनौती मंडलम के पदाधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि रोझौही, सरई सहित आसपास के ग्रामीणों की चिंताओं और मांगों को लेकर पार्टी आंदोलन के साथ खड़ी रहेगी।
छठवें दिन धरना स्थल पर पहुंचे कांग्रेस नेता एवं मंडलम पदाधिकारी
धरना स्थल पर कांग्रेस नेता संतोष उपाध्याय सहित हिनौती मंडलम के सदस्यों ने उपस्थित होकर प्रस्तावित परमाणु परियोजना के विरोध में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। इस दौरान मंडलम अध्यक्ष बृजराज सिंह, अखंड मिश्रा, रामायण प्रसाद चतुर्वेदी (हिनौती), राजेश साकेत (बांस), रामजी पटेल एवं राजकुमार पटेल (लौटानी) सहित अन्य कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही।कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति को स्थानीय स्तर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को राजनीतिक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। धरना स्थल से ग्रामीणों के बीच यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि परियोजना को लेकर उठ रहे सवालों को केवल स्थानीय गांवों तक सीमित नहीं रहने दिया जाएगा, बल्कि उन्हें जिला और प्रदेश स्तर पर भी उठाया जाएगा।
‘रोझौही और सरई के ग्रामीण निश्चिंत रहें, आपकी लड़ाई में कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी’
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों और चिंताओं को लेकर पार्टी लगातार सक्रिय रहेगी। कांग्रेस नेताओं की ओर से कहा गया कि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के निर्देशों के अनुरूप जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मार्गदर्शन में मनगवां विधानसभा क्षेत्र के मंडलम एवं बीएलए कार्यकर्ता आंदोलन को गति देने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।कांग्रेस की ओर से ‘डेरा डालो–घेरा डालो’ के तहत प्रस्तावित न्यूक्लियर प्लांट के विरोध में आंदोलन जारी रखने की बात कही गई।
फोन पर बातचीत, कल रोझौही पहुंचने की संभावना
इसी बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता ग्रीस सिंह अमहा से ग्रामीणों की फोन के माध्यम से बातचीत हुई। ग्रामीणों के अनुसार, उनसे इस मुद्दे पर लगातार फोन पर चर्चा होती रहती है। उन्होंने कल रोझौही पहुंचकर ग्रामीणों के बीच उपस्थित रहने की जानकारी दी है। प्राप्त सूचना के अनुसार, वे 1 नवंबर को दोपहर 12 से 1 बजे के बीच धरना स्थल पर पहुंचेंगे।रोझौही में कांग्रेस की ओर से लगाए गए पंडाल में उनके आगमन को लेकर ग्रामीणों को भी सूचना दी जा रही है।
अब आंदोलन का केंद्र केवल विरोध नहीं, जवाबदेही के सवाल भी
रोझौही में प्रस्तावित परमाणु परियोजना को लेकर ग्रामीणों के बीच भूमि, पर्यावरण, जलस्रोत, स्वास्थ्य सुरक्षा, भविष्य की पीढ़ियों और स्थानीय सहमति जैसे सवाल लगातार उठ रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि परियोजना से संबंधित सभी दस्तावेज, वैज्ञानिक अध्ययन, पर्यावरणीय प्रभाव और सुरक्षा संबंधी जानकारियां सार्वजनिक की जाएं तथा स्थानीय लोगों की आपत्तियों को गंभीरता से सुना जाए।छठवें दिन भी धरना जारी रहना और अलग-अलग मंडलम के कांग्रेस नेताओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि इस मुद्दे पर स्थानीय विरोध के साथ राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो रही हैं।फिलहाल ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन के अगले कदम और सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। सवाल यही है कि रोझौही के ग्रामीणों की आशंकाओं का समाधान संवाद और पारदर्शिता के जरिए कब और कैसे होगा?
