*Breaking रोझौही में न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट के लिए जाली सहमति पत्र बनाने का आरोप, सरपंच ने कमिश्नर और कलेक्टर से की जांच की मांग

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रीवा: ग्राम सभा ने खारिज किया न्यूक्लियर प्रोजेक्ट का प्रस्ताव, जाली लेटरहेड पर फर्जी सहमति पत्र उजागर* *न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट के लिए बोरवेल खनन पर घमासान; सरपंच का दावा— “जाली दस्तखत से बनाया गया 100 और 50 मीटर बोरवेल का NOC”* *न्यूक्लियर पावर प्लांट के नाम पर जालसाजी: ग्राम पंचायत सरई कला के फर्जी लेटरहेड पर फर्जी सहमति पत्र जारी*

दिनांक 08 अक्टूबर 2026 रीवा मप्र।

रीवा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के रीवा जिले के रोझौही क्षेत्र में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट (NPP) के लिए बोरवेल खनन और बोरिंग स्टडी से जुड़े सहमति पत्र को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत सरई कला की सरपंच कोमल संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि उनके लेटरहेड का गलत इस्तेमाल कर एक फर्जी सहमति पत्र (NOC) तैयार किया गया है। इस संबंध में उन्होंने संभाग आयुक्त (कमिश्नर) और कलेक्टर रीवा को औपचारिक शिकायत पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच और फर्जी पत्र को निरस्त करने की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट हेतु बीएसआर प्रोजेक्ट के तहत स्टैंडिंग साइट सिलेक्शन कमेटी (एसएसएससी) डीएई की समीक्षा प्रक्रिया और जियोटेक (Geotech) आवश्यकताओं के तहत 100 मीटर एवं 50 मीटर के 8 बोरवेल किए जाने का प्रस्ताव था।

न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए ग्राम सभा की असहमति

सरपंच कोमल संजय सिंह का आरोप है कि 6 अक्टूबर 2026 को सिरमौर तहसील कार्यालय द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से मिले 27 पृष्ठों के दस्तावेजों (पी डी एफ) के अवलोकन के दौरान उन्हें एक संदेहास्पद पत्र (क्रमांक 170/2026, दिनांक 04/09/2026) मिला। इस पत्र में 3 प्रमुख शर्तों के साथ न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट के बोरवेल हेतु सहमति देने की बात दर्शाई गई थी। सरपंच ने स्पष्ट किया है कि यह लेटरहेड (क्रमांक 170/2026) एवं इस पर किए गए हस्ताक्षर पूरी तरह से बेफर्जी, फर्जी और कूट रचित (जाली) हैं। ग्राम पंचायत सरई कला या सरपंच द्वारा न्यूक्लियर पावर प्लांट हेतु कोई भी सहमति पत्र या एनओसी आज दिनांक तक जारी नहीं की गई है।

सरपंच ग्राम पंचायत सरई कला श्रीमती कोमल सिंह की माग

सरपंच ने आयुक्त एवं कलेक्टर से मांग की है कि दिनांक 04/09/2026 के कथित सहमति पत्र (क्रमांक 170/2026) की त्वरित जांच की जाए एवं इस फर्जी पत्र को तत्काल प्रभाव से निरस्त व शून्य घोषित किया जाय एवं कूटरचित (जाली) दस्तावेज तैयार करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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