10 पंचायत समितियां, 33 जिला परिषद वार्ड और 261 ग्राम पंचायतों में चुनावी हलचल तेज
अजमेर। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी संशोधित चुनाव कार्यक्रम के बाद अजमेर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी चुनावी गतिविधियां बढ़ गई हैं। जिले में जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच और पंच पदों के लिए चुनाव होना है। आरक्षण की स्थिति सामने आने के बाद संभावित प्रत्याशियों ने भी गांव-गांव संपर्क शुरू कर दिया है।
अजमेर जिले में 10 पंचायत समितियों, जिला परिषद के 33 वार्ड और 261 ग्राम पंचायतों का चुनाव ग्रामीण राजनीति की दिशा तय करेगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के चुनाव चार चरणों में होंगे। मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया है।
जिला परिषद में 33 वार्ड, जिला प्रमुख पद सामान्य महिला
अजमेर जिला परिषद में कुल 33 सदस्य पद हैं। आरक्षण व्यवस्था के अनुसार इनमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के लिए अलग-अलग सीटें निर्धारित की गई हैं। जिला प्रमुख का पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। जिला परिषद सदस्यों के चुनाव परिणाम के बाद जिला प्रमुख और उप जिला प्रमुख का चुनाव होगा।
पंचायत समितियों में प्रधान पदों का आरक्षण
अजमेर जिले की 10 पंचायत समितियों में प्रधान पद के लिए भी आरक्षण निर्धारित किया गया है। अजमेर ग्रामीण में अनुसूचित जाति महिला, श्रीनगर में अनुसूचित जाति, बड़ल्या में अन्य पिछड़ा वर्ग, सावर में अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए प्रधान पद आरक्षित है।
इसी तरह पीसांगन और सरवाड़ में सामान्य वर्ग, जबकि अरांई में भी सामान्य वर्ग का प्रधान पद निर्धारित है। केकड़ी, सिलोरा और भिनाय में सामान्य महिला वर्ग के लिए प्रधान पद आरक्षित किया गया है। आरक्षण के बाद इन पंचायत समितियों में संभावित दावेदारों के समीकरण बदल गए हैं।
अक्टूबर से शुरू होगा मतदान का दौर
राज्य निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान चार चरणों में होगा। पहला चरण 22 अक्टूबर, दूसरा 28 अक्टूबर, तीसरा 3 नवंबर और चौथा चरण 14 नवंबर 2026 को होगा।
वहीं पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान चार चरणों में 24 अक्टूबर, 30 अक्टूबर, 5 नवंबर और 16 नवंबर को कराया जाएगा। सरपंच और पंच चुनाव की मतगणना मतदान समाप्त होने के बाद संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय पर की जाएगी।
20 नवंबर को जिला परिषद-पंचायत समिति की मतगणना
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव की संयुक्त मतगणना 20 नवंबर को सुबह 8 बजे जिला मुख्यालय पर होगी। इसके बाद जिला प्रमुख और उप जिला प्रमुख का चुनाव क्रमशः 25 और 26 नवंबर को होगा। पंचायत समितियों में प्रधान का चुनाव 27 नवंबर तथा उप प्रधान का चुनाव 28 नवंबर को कराया जाएगा।
अब नजर पंचायतवार आरक्षण पर
चुनावी कार्यक्रम और पंचायत समितियों के आरक्षण की तस्वीर सामने आने के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा इंतजार पंचायतवार सरपंच और वार्ड पंच आरक्षण की स्थिति को लेकर है। किस ग्राम पंचायत में सरपंच का पद किस वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है, यह सामने आने के बाद ही स्थानीय चुनावी समीकरण पूरी तरह स्पष्ट होंगे।
खबर वन न्यूज का सवाल
आरक्षण तय हो गया, तारीखें तय हो गईं—अब सवाल यह है कि गांव की सरकार में इस बार किसे मौका मिलेगा? किन पंचायतों में पुराने समीकरण टूटेंगे और कहां नए चेहरे सामने आएंगे? किन ग्राम पंचायतों में आरक्षण बदलने से संभावित उम्मीदवारों को अपनी रणनीति बदलनी पड़ेगी? इन सवालों के जवाब चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ सामने आएंगे।
