दिनांक 04 अक्टूबर 2026, विशेष संवाददाता, रीवा (मध्य प्रदेश)
जिला रीवा के तहसील सिरमौर अंतर्गत आने वाले ग्राम रोझोही और आसपास के क्षेत्रों में टाटा पावर कंपनी लिमिटेड (TPCL) द्वारा प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट (NPP) / BSR परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। ग्राम पंचायत सरई कला (जनपद पंचायत गंगेव) में आयोजित एक विशेष ग्राम सभा बैठक में ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से इस परियोजना से संबंधित भू-तकनीकी (Geotech) जांच एवं बोर लागिंग अध्ययन की अनुमति देने से साफ इंकार कर दिया है।
कलेक्टर के पत्र के जवाब में बुलाई गई थी विशेष ग्राम सभा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, रीवा द्वारा जारी पत्र क्रमांक 117 / आर्म्स लाय / 2026 (दिनांक 21-08-2026) के माध्यम से ग्राम पंचायत सरई कला से TPCL द्वारा प्रस्तावित 08 बोर होल (जिनमें 100 मीटर गहराई के 04 बोर होल और 50 मीटर गहराई के 04 बोर होल शामिल हैं) की भू-तकनीकी जांच और बोर लागिंग अध्ययन हेतु सहमति/अनुमति और सहयोग मांगा गया था।यह जांच परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) की स्टैंडिंग साइट सिलेक्शन कमेटी (SSSC) द्वारा समीक्षा किए जाने वाले साइट सिलेक्शन स्टेज का हिस्सा थी। आरटीआई से प्राप्त जानकारी अनुसार कलेक्टर कार्यालय के इसी पत्र के संदर्भ में 03 सितंबर 2026 को पंचायत भवन में सरपंच श्रीमती कोमल संजय सिंह की अध्यक्षता में विशेष ग्राम सभा की बैठक आयोजित की गई।

रेडिएशन, प्रदूषण और विस्थापन पर जताई गंभीर चिंता
ग्राम सभा की बैठक में उपस्थित ग्रामीणों, क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट के दूरगामी और गंभीर दुष्परिणामों पर गहन चिंता व्यक्त की।कार्यवृत्त के अनुसार, बैठक में प्रमुख रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की गई: स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर खतरा:* परमाणु ऊर्जा संयंत्र से निकलने वाले खतरनाक न्यूक्लियर कचरे और विकिरण (Radiation) के कारण जल, वायु एवं भूमि प्रदूषण का खतरा बना रहेगा। इससे स्थानीय निवासियों में कैंसर, ल्यूकेमिया जैसी असाध्य बीमारियां और आने वाली पीढ़ियों में जन्मजात अपंगता का जोखिम बढ़ेगा।* वैश्विक हादसों का हवाला:* ग्राम सभा में पूर्व सोवियत संघ के चेरनोबिल हादसे (1986) और जापान के फुकुशिमा परमाणु हादसे का उल्लेख करते हुए कहा गया कि ऐसे हादसों के कारण लाखों लोगों की मौत, जन्य विकलांगता और व्यापक विस्थापन हुआ है, जो ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित है।विस्थापन और पलायन की मजबूरी:* यदि इस क्षेत्र में न्यूक्लियर प्लांट स्थापित होता है, तो सरई कला और आसपास की अन्य ग्राम पंचायतों के हजारों परिवारों को अपने घर-बार छोड़कर विस्थापन और पलायन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
सर्वसम्मति से पारित हुआ असहमति का प्रस्ताव
बैठक में उपस्थित समस्त सदस्यों ने न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट के पुराने इतिहास और इसके विनाशकारी प्रभावों को देखते हुए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि:TPCL द्वारा प्रस्तावित 08 बोर होल करने की अनुमति किसी भी स्थिति में नहीं दी जाएगी और साथ में भविष्य में भी ग्राम पंचायत सरई कला या आसपास के क्षेत्र में किसी भी प्रकार का न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करने की अनुमति नहीं होगी।ग्राम पंचायत सरई कला द्वारा इस सर्वसम्मत निर्णय और ग्राम सभा के कार्यवृत्त (पृष्ठ 1 से 04) की प्रति संलग्न कर जांच प्रतिवेदन के रूप में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, रीवा को औपचारिक रूप से प्रेषित कर दिया गया है।
ग्राम सभा की असहमति के बाद भी मैसर्स फुग्रो नामक बोर होल करने वाली कंपनी ने जबरन घुसेड़ी मशीनें
गौरतलब है कि ग्राम सभा की असहमति के बाद भी पिछले दिनों टाटा कंपनी से संबंधित कंपनी बोर होल किए जाने के लिए मैसर्स फुग्रो द्वारा अपनी दो नग बोरिंग मशीन लेकर मौके पर पहुंचने वाली थीं जिनको की ग्रामीणों ने भारी विरोध के बाद वापस कर दिया था। ग्रामीणों और जानकारों ने सवाल उठाये हैं कि जब ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर कंपनी को न्यूक्लियर पावर प्लांट से संबंधित किसी प्रकार के कार्य को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं मिली थी तब कैसे बिना पंचायत की अनुमति और एनओसी के टाटा कंपनी कार्य को आगे बढ़ा रही है जिसको लेकर ग्रामीणों और आसपास के जनमानस में काफी अक्रोश व्याप्त है।
