खाताधारक की मृत्यु के बाद बैंक में जमा रकम का क्या होगा?

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नामिनी दर्ज है तो दावा प्रक्रिया हो सकती है आसान, बैंक को निर्धारित शर्तों के तहत 15 दिनों में निपटाना है दावा

अजमेर। बैंक खाते में जमा रकम खाताधारक की मृत्यु के बाद खत्म नहीं होती। यह राशि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नामिनी, संयुक्त खाताधारक या पात्र कानूनी वारिस को दी जाती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मृत खाताधारकों के खातों से जुड़े दावों के निपटारे के लिए बैंकों को समयबद्ध प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए हैं। RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, आवश्यक मृत्यु प्रमाण और दावेदार की पहचान सहित जरूरी दस्तावेज मिलने के बाद बैंक को मृत जमाकर्ता के दावे का निपटारा 15 दिनों से अधिक अवधि में नहीं करना चाहिए।

दावा करने के लिए क्या करें?

परिवार के सदस्य या पात्र दावेदार को संबंधित बैंक शाखा अथवा बैंक की वेबसाइट से मृत खाताधारक के खाते से संबंधित क्लेम फॉर्म प्राप्त करना होगा। इसके बाद बैंक द्वारा मांगे गए आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा जमा करना होगा।

सामान्य तौर पर प्रक्रिया में खाताधारक का मृत्यु प्रमाण-पत्र, दावेदार की पहचान तथा बैंक द्वारा मांगे गए अन्य संबंधित दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। दस्तावेजों की वास्तविक सूची खाते की स्थिति और बैंक की प्रक्रिया के अनुसार अलग हो सकती है।

नामिनी दर्ज होने से क्यों आसान होती है प्रक्रिया?

खाता खोलते समय नामिनी दर्ज कराने का उद्देश्य खाताधारक की मृत्यु के बाद बैंक में जमा राशि के दावे को सरल बनाना है। RBI ने भी बैंकों को ग्राहकों के बीच nomination facility और survivorship clause के लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने की सलाह दी है।

हालांकि, नामिनी दर्ज होने का अर्थ यह नहीं कि हर मामले में बिना किसी जांच के भुगतान हो जाएगा। बैंक को मृत्यु का प्रमाण और दावेदार की पहचान से संबंधित आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं।

नामिनी नहीं है तो क्या होगा?

यदि खाते में नामिनी नहीं है तो भी जमा राशि पर दावा किया जा सकता है। ऐसे मामलों में बैंक की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कानूनी वारिसों से आवश्यक दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। RBI ने बैंकों को मृत खाताधारकों के दावों के लिए सरल प्रक्रियाएं अपनाने और अनावश्यक परेशानी से बचाने की दिशा में व्यवस्था रखने को कहा है।

खाताधारकों के लिए जरूरी सावधानी

बैंक खाता खुलवाते समय केवल खाता और ATM की जानकारी रखना पर्याप्त नहीं है। परिवार को खाते की जानकारी, नामिनी का विवरण और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी भी सुरक्षित रखनी चाहिए। नामिनी की जानकारी में बदलाव होने पर उसे बैंक के रिकॉर्ड में अपडेट कराना भी महत्वपूर्ण है।

अपने बैंक खाते में नामिनी दर्ज कराएं और परिवार को वित्तीय जानकारी से अवगत रखें, ताकि किसी अनहोनी की स्थिति में जमा राशि के दावे की प्रक्रिया में अनावश्यक परेशानी न हो।

स्रोत: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ग्राहक सेवा एवं मृत जमाकर्ता के दावों के संबंधी दिशा-निर्देश।

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