उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने पर बवाल, पथराव के बाद पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

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उज्जैन, 28 सितंबर 2026। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर सोमवार को तनाव की स्थिति बन गई। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ी करने का काम चल रहा है। इसी सड़क की तय सीमा में ऐतिहासिक शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा आने के कारण उसे हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। इसी का विरोध करने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ और पथराव की घटना सामने आई। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।

सड़क चौड़ीकरण ही विवाद की मुख्य वजह

प्रशासन कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब 900 मीटर सड़क को लगभग 15 मीटर चौड़ा करने की योजना पर काम कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे। इसलिए अभी से सड़क और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है। इस मार्ग पर कई धार्मिक और अन्य निर्माण सड़क की प्रस्तावित सीमा में आ रहे हैं।

विवाद इस बात पर है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद का कौन-सा हिस्सा हटाया जाएगा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पूरी मस्जिद को नहीं हटाया जा रहा, बल्कि सड़क के निर्धारित हिस्से में आने वाले निर्माण को हटाने की कार्रवाई है। मस्जिद पक्ष का कहना है कि सड़क का विस्तार किसी दूसरे हिस्से से किया जा सकता है, ताकि धार्मिक स्थल प्रभावित न हो।

मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा

इस कार्रवाई के खिलाफ मस्जिद पक्ष अदालत भी पहुंचा। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 9 सितंबर 2026 को पहले दायर याचिकाओं में नगर निगम की कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार किया था। अदालत के सामने नगर निगम ने बताया था कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान अन्य धार्मिक संरचनाओं पर भी कार्रवाई हुई है और यह कार्रवाई किसी एक धर्मस्थल को निशाना बनाकर नहीं की जा रही।

सोमवार को कैसे बिगड़े हालात?

रविवार रात से ही मस्जिद के आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा थे। सोमवार को कार्रवाई शुरू होने की स्थिति बनी तो विरोध और बढ़ गया। इसके बाद पुलिस पर पथराव की सूचना सामने आई। पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार करीब 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं और क्षेत्र में बैरिकेडिंग की गई है।

प्रशासन का प्रयास है कि स्थिति नियंत्रण में रहे और विवाद आगे न बढ़े। फिलहाल उज्जैन में कानून-व्यवस्था पर पुलिस की कड़ी नजर है। इस पूरे मामले का केंद्र सड़क चौड़ीकरण, धार्मिक स्थल के प्रभावित हिस्से और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर बना विवाद है।

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