अजमेर की पहली सामान्य वर्ग की महिला महापौर बनीं अनामिका शर्मा

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अजमेर। अजमेर नगर निगम को अनामिका शर्मा के रूप में नई महापौर मिल गई है। भाजपा की अनामिका शर्मा ने कांग्रेस की किरण गढ़वाल को 43-37 मतों से हराकर महापौर पद हासिल किया। इस बार महापौर पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित था। अनामिका शर्मा इस पद पर निर्वाचित होने वाली अजमेर की पहली सामान्य वर्ग की महिला महापौर बनी हैं।
अनामिका शर्मा के राजनीतिक सफर की खास बात यह है कि उन्होंने 2026 के नगर निगम चुनाव में पहली बार चुनावी राजनीति में कदम रखा। भाजपा के टिकट पर उन्होंने वार्ड संख्या 3 से पार्षद का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। उपलब्ध चुनाव परिणाम के अनुसार अनामिका शर्मा को 3,687 मत मिले, जबकि उनकी निकटतम निर्दलीय प्रतिद्वंद्वी संध्या काबरा को 2,733 मत प्राप्त हुए। इस तरह अनामिका ने 954 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।


पार्षद का चुनाव जीतने के बाद भाजपा ने उन पर सीधे महापौर पद के लिए भरोसा जताया। पहली बार पार्षद बनी अनामिका ने अब महापौर का चुनाव भी जीत लिया। इस तरह उनकी पहली चुनावी पारी ही अजमेर नगर निगम के सर्वोच्च निर्वाचित पद तक पहुंचने के साथ शुरू हुई है।
राजनीतिक परिवार से जुड़ा है नाता
अनामिका शर्मा का संबंध राजनीतिक परिवार से है। वह भाजपा नेता सीताराम शर्मा की पुत्रवधू हैं। उनके पति मनीष शर्मा अजमेर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में सीताराम शर्मा के भाजपा संगठन में मंडल अध्यक्ष और जिला उपाध्यक्ष जैसी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं । अनामिका भाजपा के स्थानीय राजनीतिक नेतृत्व से जुड़े परिवार की सदस्य हैं।
अनामिका शर्मा स्वयं लघु उद्यम से जुड़ी हैं। उनके नामांकन संबंधी विवरण के अनुसार उनकी शैक्षणिक योग्यता 10वीं तक है और घोषित संपत्ति करीब 37.61 लाख रुपये बताई गई थी।
32 भाजपा पार्षद थे, अनामिका को मिले 43 वोट
महापौर चुनाव का परिणाम इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि 80 सदस्यीय निगम में भाजपा के 32 पार्षद, कांग्रेस के 37 पार्षद और 11 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे। इसके बावजूद महापौर चुनाव में अनामिका शर्मा को 43 वोट मिले, जबकि किरण गढ़वाल को 37 वोट मिले। यानी भाजपा के अपने पार्षदों की संख्या से अनामिका को 11 अधिक मत मिले। चुनाव परिणाम में निर्दलीय पार्षदों और मतदान के दौरान बने समीकरणों की भूमिका चर्चा का विषय रही। घर से महापौर की कुर्सी तक वार्ड 3 से 3,687 मत हासिल कर पार्षद बनीं अनामिका शर्मा के लिए महापौर तक का सफर बेहद कम समय में पूरा हुआ। पहली बार चुनाव लड़ना, वार्ड से जीत दर्ज करना और उसके बाद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित महापौर पद पर भाजपा की उम्मीदवार बनना यह उनके जीवन में उनकी राजनीतिक यात्रा के शुरुआती चरण की प्रमुख घटना है । अब महापौर के रूप में उनके सामने अजमेर शहर की सफाई, सड़क, यातायात, जल निकासी, विकास कार्य और नगर निगम की प्रशासनिक व्यवस्था जैसे कई मुद्दे रहेंगे। अनामिका शर्मा के महापौर बनने से सामान्य वर्ग में उत्साह है ।

अजमेर की जनता अब आने वाले दिनों में अनामिका शर्मा की कार्यशैली और उनके पद ग्रहण करने के बाद निगम की कार्यशैली में वह कितना बदलाव लाकर जनता को राहत दिलाएंगी यह जनता देखना चाहती है ।

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