दुष्कर्म और लूट के अलग-अलग मामलों में वांछित था आरोपी, पुलिस ने न्यायालय में किया पेश
रीवा। सेमरिया थाना पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी करीब दो वर्षों से गिरफ्तारी से बच रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर कुल 12 हजार रुपये का इनाम घोषित था। आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और लूट के अलग-अलग प्रकरण दर्ज बताए गए हैं।पुलिस के अनुसार फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। उसकी तलाश में सफलता नहीं मिलने पर पुलिस अधीक्षक रीवा की ओर से एक प्रकरण में 7 हजार रुपये तथा लूट के दूसरे मामले में 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक एक मामले में नाबालिग के घर से चले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने नाबालिग को दस्तयाब कर उसके कथन दर्ज किए। पुलिस का कहना है कि विवेचना में आरोपी द्वारा नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म किए जाने के तथ्य सामने आए। इसके बाद प्रकरण में धारा 65(1), 87 बीएनएस तथा धारा 5/6 पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं।
दो साल से चल रही थी तलाश
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में सेमरिया पुलिस ने फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश और तलाश की। इसी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने संजीव सिंह उर्फ भोले (25), निवासी ग्राम मरैला, थाना सिरमौर, जिला रीवा को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने दोनों मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया।
इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल, एएसआई रामशिरोमणि सिंह बघेल, प्रधान आरक्षक प्रमोद अग्निहोत्री, आरक्षक विक्रम वर्मा, शिवम सिंह एवं शुभवंत मिश्रा की भूमिका बताई गई है। दो साल से फरार चल रहा आरोपी, सिर पर 12 हजार रुपये का इनाम और लगातार तलाश के बाद गिरफ्तारी—सेमरिया पुलिस की इस कार्रवाई के बाद आरोपी को अब न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा।
