ब्रेकिंग न्यूज़ | अजमेर
अजमेर। अजमेर जिले की गांव (भुडोल) ग्राम पंचायत में कथित विकास कार्यों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पंचायत में हुए विकास कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले लगभग 11 वर्षों में पंचायत में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का बजट खर्च दिखाया गया, लेकिन धरातल पर हालात बदतर हैं। उनका कहना है कि गांव की सड़कें जर्जर हैं, जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं, नालियों का निर्माण अधूरा है और मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। इससे स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई विकास कार्य केवल कागजों में पूरे दिखाकर भुगतान उठा लिया गया। उनका कहना है कि जिन कार्यों के लिए सरकारी राशि स्वीकृत हुई, वे आज तक धरातल पर दिखाई नहीं देते। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सरकारी धन के दुरुपयोग की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
ज्ञापन देने पहुंचे ग्रामीणों ने सरपंच प्रतिनिधि और पंचायत प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायतें और ज्ञापन देने के बावजूद केवल आश्वासन मिले, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पंचायत में पारदर्शिता का अभाव है और जनता की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है।
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ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो पंचायत भवन पर ताला लगाया जाएगा। इसके बाद भी सुनवाई नहीं होने पर बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
अब सभी की नजर जिला प्रशासन पर टिकी है कि ग्रामीणों के गंभीर आरोपों की जांच कराई जाती है या नहीं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में पारदर्शिता और सरकारी धन के उपयोग पर बड़े सवाल खड़े कर सकता है।

