भूमि की सीमा तय करने के नाम पर ₹50 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप, ट्रैप कार्रवाई में ₹30 हजार लेते दबोचे गए दोनों पटवारी
जयपुर/भरतपुर, 10 जुलाई 2026। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत शुक्रवार को भरतपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए भूमि बंदोबस्त विभाग के दो पटवारियों को ₹30,000 की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रदीप सिंह और दिगंबर सिंह के रूप में हुई है।
ACB के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार शिकायतकर्ता ने ब्यूरो को बताया था कि दोनों पटवारी पहले से पैमाइश हो चुकी कृषि भूमि की सीमा तय करने के नाम पर ₹50,000 की रिश्वत मांग रहे थे। आरोप है कि रिश्वत नहीं देने पर शिकायतकर्ता और उसके परिवार पर दबाव बनाया जा रहा था, जबकि संबंधित कार्य करना सरकारी दायित्व था।
शिकायत का सत्यापन होने के बाद भरतपुर रेंज के डीआईजी ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ACB) अमित सिंह के निर्देशन में ट्रैप कार्रवाई की गई। पुलिस निरीक्षक महेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही दोनों पटवारियों ने ₹30,000 की रिश्वत की राशि स्वीकार की, उन्हें मौके पर ही रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
ACB ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की आगे की जांच अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव तथा महानिरीक्षक एस. परिमला की निगरानी में की जा रही है। ब्यूरो का कहना है कि पूछताछ में मामले से जुड़े अन्य तथ्य भी सामने आ सकते हैं।
चूरू में भी हाल ही में हुई थी कार्रवाई
इससे पहले 7 जुलाई को ACB की चूरू इकाई ने कृषि उपज मंडी समिति (APMC) के सचिव डॉ. विकेंद्र कुमार और पर्यवेक्षक-सह-कैशियर कमल कुमार को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। दोनों पर एक फर्म के विरुद्ध प्रस्तावित कार्रवाई रोकने के बदले ₹20,000 की रिश्वत मांगने का आरोप था। यह कार्रवाई बीकानेर रेंज के डीआईजी नारायण टोगस की निगरानी तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर प्रसाद शर्मा के नेतृत्व में की गई थी।
जनता से अपील
ACB ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तत्काल 24×7 टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 अथवा व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9413502834 पर दें। ब्यूरो ने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान आगे भी इसी प्रकार जारी रहेगा ताकि आम नागरिकों को बिना रिश्वत के सरकारी सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
