कोटा। शहर की हाई सिक्योरिटी मानी जाने वाली एक बार फिर गंभीर सुरक्षा चूक के कारण सुर्खियों में है। ड्यूटी परिवर्तन के दौरान की गई सघन तलाशी में एक होमगार्ड जवान को जूते के सोल में छिपाकर चरस-जर्दा जैसे नशीले पदार्थ जेल परिसर में ले जाते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। इस घटना ने न केवल जेल प्रशासन बल्कि पूरे सुरक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, आरोपी होमगार्ड पिछले कुछ समय से जेल में तैनात था और ड्यूटी के दौरान उसके व्यवहार में असामान्यता देखी जा रही थी। संदेह के आधार पर जब उसकी गहन तलाशी ली गई, तो पहले सामान्य जांच में कुछ नहीं मिला, लेकिन जब जूतों की बारीकी से जांच की गई तो सोल को हल्का काटकर उसमें छिपाई गई करीब 35 ग्राम चरस की पुड़िया बरामद हुई।
घटना के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने इसे व्यक्तिगत सेवन के लिए लाना बताया, लेकिन पुलिस इस दावे को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर रही है और यह जांच की जा रही है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क या जेल के अंदर-बाहर का गठजोड़ तो सक्रिय नहीं है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन को भी सूचना दे दी गई है और आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी की ड्यूटी, संपर्कों और पिछले रिकॉर्ड की भी बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या पहले भी इसी तरह नशीले पदार्थ जेल में पहुंचाए गए थे।
गौरतलब है कि जेलों में हर माह पुलिस और प्रशासन द्वारा निरीक्षण किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद इस तरह की घटना सामने आना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब एक होमगार्ड इस स्तर पर सुरक्षा को भेद सकता है, तो अंदर बंद कैदियों तक क्या-क्या पहुंच रहा होगा।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और जल्द ही इस प्रकरण में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। यह घटना एक बार फिर इस बात का संकेत है कि जेल जैसी संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा और सख्ती बेहद जरूरी है।
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