दिल्ली कार धमाका: आतंक पर, अमित शाह बोले—“एक-एक को ढूँढ़कर सख्त सज़ा देंगे”

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भूटान से PM मोदी का सख्त संदेश— “दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा”; NIA-दिल्ली पुलिस की संयुक्त जांच में व्हाइट-कॉलर टेरर नेटवर्क का खुलासा

राजधानी दिल्ली में सोमवार शाम हुए कार धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई-अलर्ट पर ला दिया है। धमाके की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को उच्च-स्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की। गृह मंत्री ने साफ कहा कि इस कृत्य में शामिल हर एक व्यक्ति को खोजा जाएगा और सबसे सख्त सज़ा दी जाएगी।
अमित शाह ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा— “दिल्ली कार ब्लास्ट पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस घटना के हर दोषी को पकड़ने का निर्देश दिया है। हमारी एजेंसियाँ किसी को नहीं छोड़ेंगी।”

PM मोदी ने भूटान से ली मामले की जनकारी

इस बीच भूटान दौरे पर मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हमले पर गहरा दुख जताया और इसे “किसी भी हाल में बर्दाश्त न किए जाने वाला कृत्य” बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे रात भर एजेंसियों के संपर्क में रहे और पूरी जांच की निगरानी की।
उन्होंने कहा— “देश पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। दोषियों को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा, चाहे वे कहीं भी हों।”
साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि जांच एजेंसियाँ पूरी तेजी से काम कर रही हैं।

जांच में चौंकाने वाला खुलासा— डॉक्टरों का आतंक नेटवर्क से लिंक

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, एक हैरान करने वाला ‘व्हाइट-कॉलर टेरर नेटवर्क’ सामने आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश की महिला डॉक्टर, डॉ. शाहीन सईद, इस पूरे आतंकी मॉड्यूल की अहम कड़ी बताई जा रही हैं।
डॉ. शाहीन फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ी थीं और जांच एजेंसियों का दावा है कि उन्हें पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के महिला भर्ती प्रकोष्ठ “जमात-उल-मोमिनात” की स्थापना की जिम्मेदारी दी गई थी।

एजेंसियों ने डॉ. शाहीन के साथ तीन और डॉक्टरों समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी से करीब 2,900 किलोग्राम विस्फोटक पदार्थ, जिसमें अमोनियम नाइट्रेट शामिल है, बरामद किया गया है। यह अब तक की सबसे बड़ी जब्ती में से एक है।

एजेंसियों ने डॉ. शाहीन के साथ तीन और डॉक्टरों समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी से करीब 2,900 किलोग्राम विस्फोटक पदार्थ, जिसमें अमोनियम नाइट्रेट शामिल है, बरामद किया गया है। यह अब तक की सबसे बड़ी जब्ती में से एक है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि कार को डॉ. उमर नबी, निवासी लेथपोरा (जम्मू-कश्मीर), चला रहा था। दिल्ली पुलिस को संदेह है कि शाहीन सईद और अन्य की गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद उसने आत्मघाती विस्फोट किया।
कार से अमोनियम नाइट्रेट, ईंधन और डेटोनेटर मिलने के बाद आत्मघाती हमले की संभावना और मजबूत हो रही है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उमर नबी की पहचान पुख्ता करने के लिए उसकी माँ का DNA सैंपल लिया है।

दिल्ली हाई-अलर्ट पर , लाल किला मेट्रो स्टेशन बंद

धमाके के बाद दिल्ली को हाई-अलर्ट पर रखा गया है। सभी प्रवेश द्वारों पर चेकिंग बढ़ाई गई ,ट्रांज़िट हब और बस टर्मिनल पर तलाशी अभियान तेज़,लाल किला मेट्रो स्टेशन को बंद किया गया।आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्ट, अतिरिक्त पुलिस तैनात की गई है ।

दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने बताया कि वे गृह मंत्रालय को लगातार रिपोर्ट भेज रहे हैं और NIA, स्पेशल सेल व खुफिया एजेंसियाँ मिलकर जांच कर रही हैं।

व्हाइट-कॉलर टेरर ने सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती

इस हमले ने देश की सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी ,व्हाइट-कॉलर टेरर नेटवर्क’, यानी वे शिक्षित, प्रोफेशनल और समाज में सम्मानित लोग जो कट्टरपंथी संगठनों के लिए काम कर रहे हैं।
डॉक्टरों और विश्वविद्यालय से जुड़े लोग आतंकी साजिश में शामिल पाए जाना यह संकेत देता है कि आतंकवादी संगठन अब बंदूक से ज्यादा ब्रेनवॉशिंग और साइकोलॉजिकल रिक्रूटमेंट के जरिए आतंक को बढ़ावा दे रहे हैं ।

दिल्ली धमाका सिर्फ एक सुरक्षा चूक नहीं, बल्कि भारत की आंतरिक सुरक्षा के सामने उभरती एक नई, खतरनाक रणनीति का संकेत है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है—
“किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।”

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