केरल 27 अक्टूबर। केरल एक बार फिर भारी बारिश और चक्रवाती हवाओं के संकट से जूझ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के पांच जिलों — मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कसारगोड — में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटे में इन इलाकों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। निचले क्षेत्रों में पानी भर गया है, सड़कों पर यातायात ठप है और कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं।
इदुक्की जिले में भूस्खलन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कोझिकोड में बारिश से जुड़ी एक अन्य दुर्घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि कई परिवारों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है और नदी किनारे बसे गांवों में लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी और तटीय जिलों में अगले 24 घंटे तक भारी से बहुत भारी वर्षा (115 से 200 मिमी तक) की संभावना बनी हुई है। समुद्री इलाकों में तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे मछुआरों को अगले दो दिन तक समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है।
सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को आपदा प्रबंधन की टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। एनडीआरएफ की टीमें कुछ इलाकों में तैनात की गई हैं। बिजली और संचार व्यवस्था आंशिक रूप से बाधित है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव का क्षेत्र केरल तट तक पहुंच रहा है, जिससे चक्रवाती बारिश की तीव्रता बढ़ी है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें, सतर्क रहें और मौसम विभाग के आधिकारिक बुलेटिन पर ही भरोसा करें।
👉 सावधानी रखें — भारी बारिश के बीच अनावश्यक यात्रा न करें, पानी भरे रास्तों से बचें और बच्चों-बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर रखें।
