नई दिल्ली , 27अक्टूबर (टी)
भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने के लिए SIR (Special Intensive Revision) यानी विशेष गहन पुनरीक्षण का दूसरा चरण शुरू करने की घोषणा की है। इस चरण में देश के 12 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल किए गए हैं। इनमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पुडुचेरी, मध्य प्रदेश, लक्षद्वीप, केरल, गुजरात, गोवा, छत्तीसगढ़ और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस विशेष अभियान का उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची की पूरी तरह जांच, संशोधन और अद्यतन करना है। इसके तहत प्रत्येक बूथ पर बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं के नाम, पते और दस्तावेजों की जांच करेंगे। योग्य नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, जबकि मृत, स्थानांतरित या दोहराए गए नामों को सूची से हटाया जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि यह पहल “सटीक और पारदर्शी मतदाता सूची” तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि आयोग का लक्ष्य है कि 18 वर्ष पूर्ण कर चुके सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो और कोई भी व्यक्ति गलत प्रविष्टियों के कारण वंचित न रहे।
असम को इस प्रक्रिया से अलग रखा गया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि असम में नागरिकता संबंधी जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में लगभग पूरी हो चुकी है, इसलिए वहां के लिए अलग से संशोधन आदेश जारी किए जाएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, “SIR का आदेश पूरे देश के लिए था, लेकिन असम पर यह लागू नहीं होता। वहां की स्थिति को देखते हुए अलग प्रावधान किए जाएंगे।”
चुनाव आयोग की यह पहल देशभर में विश्वसनीय और अद्यतन मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए अब तक का सबसे व्यापक अभियान मानी जा रही है।
