महाकाल मंदिर में संतों के सम्मान को ठेस, पगड़ी विवाद ने बढ़ाई चिंता

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उज्जैन: मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थल श्री महाकालेश्वर मंदिर में गर्भगृह में संतों की पगड़ी को लेकर बुधवार को विवाद सामने आया। इस विवाद में पुजारी महेश शर्मा और नाथ संप्रदाय के महंत महावीर नाथ आमने-सामने हो गए। घटना के दौरान कथित तौर पर धक्का‑मुक्की और गाली‑गलौज भी हुई, जिससे श्रद्धालु भयभीत हुए।

सूत्रों के अनुसार महंत महावीर नाथ गर्भगृह में पगड़ी पहनकर प्रवेश करने गए, जो उनकी साधना और परंपरा का हिस्सा है। पुजारी महेश शर्मा ने इसे मंदिर की परंपरा के विरुद्ध बताया और पगड़ी उतारने को कहा। जब महंत ने ऐसा नहीं किया, तो बातचीत उग्र हो गई। यह घटना मंदिर की गरिमा और संत समाज के सम्मान पर सवाल उठाती है।

संत समाज ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो मंदिर परिसर में शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा। संत समाज का कहना है कि महाकाल मंदिर में संतों का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए और उनके अधिकारों का उल्लंघन सहन नहीं किया जाएगा।

मंदिर प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति सीसीटीवी फुटेज, दोनों पक्षों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगी। मंदिर प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि विवाद को सुलझाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संत बालक नाथ ने इस घटना का संज्ञान लिया है और पुजारी के व्यवहार की निंदा की है। इससे स्पष्ट है कि यह विवाद सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि धार्मिक प्रतिष्ठा और संत समाज के सम्मान से जुड़ा मामला है।

महाकाल मंदिर में संतों का सम्मान बनाए रखना प्रत्येक श्रद्धालु और प्रशासन की जिम्मेदारी है। पगड़ी विवाद ने यह संदेश स्पष्ट किया है कि धार्मिक स्थलों पर परंपरा और संत समाज का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। सभी पक्षों से अपील है कि शांति और मर्यादा के साथ विवाद का समाधान निकाला जाए।

सुनिए महंत जी ने क्या कहा

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