नई दिल्ली ।
केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत पूर्व सैनिक (केंद्रीय सिविल सेवा और पद संबंधी पुनर्रोजगार) संशोधन नियम 2026 को अधिसूचित कर दिया है। इस संशोधन के साथ ही सैन्य नर्सिंग सेवा (एमएनएस) के कर्मियों को भी औपचारिक रूप से ‘पूर्व सैनिक’ की परिभाषा में शामिल कर लिया गया है। यह अधिसूचना 9 फरवरी 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
संशोधित नियम 2 (सी) के अनुसार अब भारतीय संघ की नियमित सेना, नौसेना और वायु सेना के साथ-साथ सैन्य नर्सिंग सेवा में किसी भी रैंक पर, चाहे योद्धा या गैर-योद्धा के रूप में सेवा दे चुके कर्मी, केंद्रीय सिविल सेवाओं में पुनर्रोजगार के पात्र होंगे। इससे पहले एमएनएस अधिकारियों के पूर्व सैनिक दर्जे को लेकर अस्पष्टता बनी हुई थी, जिसे इस संशोधन ने पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
इस बदलाव के बाद एमएनएस कर्मियों को केंद्र सरकार के समूह ‘सी’ पदों में 10 प्रतिशत और समूह ‘डी’ पदों में 20 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। साथ ही आयु सीमा में छूट के तहत सैन्य सेवा की अवधि और अतिरिक्त तीन वर्ष घटाने की सुविधा भी दी जाएगी। रोजगार में प्राथमिकता के मामले में भी उन्हें यूपीएससी और एसएससी के तहत अन्य पूर्व सैनिकों के समान दर्जा मिलेगा। यह कदम पूर्व रक्षा कर्मियों के पुनर्वास और दूसरे करियर के अवसरों को मजबूती प्रदान करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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