जयपुर। राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर चल रहा कानूनी विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। इस मामले में पूर्व विधायक ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट याचिका दायर की है।
कैविएट के जरिए उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय से आग्रह किया है कि यदि राज्य सरकार या राज्य चुनाव आयोग राजस्थान हाईकोर्ट के 22 मई के फैसले को चुनौती देते हैं, तो किसी भी प्रकार का आदेश पारित करने से पहले उनका पक्ष अवश्य सुना जाए।
गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने 22 मई को सुनाए गए अपने महत्वपूर्ण फैसले में राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को 31 जुलाई 2026 तक पंचायत और निकाय चुनाव करवाने के निर्देश दिए थे। अदालत ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में देरी पर गंभीर टिप्पणी करते हुए समयबद्ध चुनाव कराने की आवश्यकता जताई थी।
अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि राज्य सरकार अथवा राज्य चुनाव आयोग हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए संयम लोढ़ा ने पहले ही कैविएट दायर कर कानूनी रणनीति अपनाई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि मामला सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए आता है तो प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनावों की समयसीमा तथा संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर बड़ा कानूनी दांव पेच देखने को मिल सकता है।
