नौ रात्रि महोत्सव का समापन, माता रानी के अगले वर्ष पुनः आगमन की कामना के साथ श्रद्धालुओं ने की सुख-समृद्धि की प्रार्थना
सरई/रीवा, 20 अक्टूबर 2026। सरई में माँ काली महारानी और माँ जगत जननी की प्रतिमाओं का मंगलवार, 20 अक्टूबर को विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया। माता रानी के जयकारों और श्रद्धा से ओतप्रोत वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने माँ को भावपूर्ण विदाई दी। नौ रात्रि महोत्सव के धार्मिक आयोजनों के समापन पर भक्तों ने माता रानी से परिवार की सुख-समृद्धि, ग्राम की खुशहाली और समाज में सुख-शांति बनाए रखने की प्रार्थना की।सरई में नवरात्र के दौरान दोनों दरबारों में भक्ति और आस्था का विशेष माहौल रहा। माँ काली महारानी के दरबार में कन्या भोज एवं हवन-पूजन और सरई स्थित हनुमान मंदिर तालाब के समीप माँ जगत जननी के दरबार में कन्या भोज, हवन-पूजन तथा भंडारे के आयोजन ने धार्मिक उत्सव को विशेष स्वरूप प्रदान किया। विसर्जन के साथ ही इन आयोजनों का समापन हुआ और श्रद्धालुओं के मन में अगले वर्ष पुनः माता रानी के आगमन की प्रतीक्षा जुड़ गई।
माँ काली महारानी के दरबार से जुड़ी छह वर्षों की परंपरा
सरई में माँ काली महारानी का नौ रात्रि महोत्सव वर्ष 2020 में मिश्रा परिवार द्वारा प्रारंभ किया गया था। ग्रामवासियों के सहयोग से निरंतर आगे बढ़ रही यह परंपरा स्थानीय आस्था और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बन चुकी है। संस्कारधानी जबलपुर से लाई गई माँ काली महारानी की भव्य प्रतिमा महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।धार्मिक अनुष्ठान ब्रह्मचारी हिमांशु जी के मार्गदर्शन, नारायण स्वामी जी के सानिध्य तथा आचार्य राजाराम शास्त्री और आयुष पांडेय के आचार्यत्व में संपन्न हुए। व्यवस्थापक संदीप मिश्रा सहित मिश्रा परिवार और ग्रामवासियों ने आयोजन में सहयोग प्रदान किया।
माँ जगत जननी के दरबार में भक्ति और सेवा का संगम
सरई स्थित हनुमान मंदिर तालाब के समीप माँ जगत जननी का दरबार आदर्श (गोलू) द्विवेदी के सौजन्य से सजा था। यहाँ कन्या भोज, हवन-पूजन और भंडारे के माध्यम से श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था अर्पित की। आयोजन से आचार्य पंडित राजाराम शास्त्री, सतेंद्र तिवारी, श्रीकांत गौतम, अविनाश पाण्डेय (बच्चू), नेपाल यादव (पंडा) सहित समस्त ग्रामवासियों और स्थानीय श्रद्धालुओं का जुड़ाव रहा।
आस्था की परंपरा, सामाजिक एकता का संदेश
माँ काली महारानी और माँ जगत जननी की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ सरई में धार्मिक उत्सव का समापन हुआ। इन आयोजनों ने श्रद्धा, सेवा, सहयोग और सामाजिक सद्भाव की भावना को मजबूत किया। माता रानी को विदाई देते हुए श्रद्धालुओं ने कामना की कि क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहे तथा अगले वर्ष फिर इसी उत्साह के साथ माता रानी के दरबार सजें। जय माँ काली महारानी! जय माँ जगत जननी! जय माता दी!

