धान खरीदी में गड़बड़ी करने वाली समितियों पर कलेक्टर का शिकंजा, उपार्जन से सीधे बाहर होंगी दोषी समितियां

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कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी का दो टूक फैसला—पिछली खरीदी में अनियमितता, आपराधिक प्रकरण या गड़बड़ी मिली तो नहीं मिलेगा धान उपार्जन का जिम्मा; 15 सितंबर से किसानों का पंजीयन

रीवा। धान उपार्जन सीजन शुरू होने से पहले ही रीवा जिला प्रशासन ने खरीदी व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश खत्म करने की तैयारी शुरू कर दी है। कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला उपार्जन समिति की समीक्षा बैठक में कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने स्पष्ट कर दिया कि उपार्जन व्यवस्था में लापरवाही या अनियमितता का रिकॉर्ड रखने वाली सहकारी समितियों को इस बार धान खरीदी का काम नहीं सौंपा जाएगा।कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की सभी सहकारी समितियों की पात्रता की बारीकी से जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। जिला आपूर्ति अधिकारी, नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक और समिति के अन्य सदस्यों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि उपार्जन के लिए पात्र समितियों का चयन पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही किया जाए।बैठक में कलेक्टर ने साफ कहा कि किसी भी अपात्र समिति को धान उपार्जन की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। यदि किसी समिति के खिलाफ पूर्व में गेहूं उपार्जन या पिछले वर्ष की धान खरीदी के दौरान गड़बड़ी, अनियमितता अथवा अन्य गंभीर शिकायतें सामने आई हैं, तो उसकी भी जांच की जाएगी। जिन समितियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं या उपार्जन व्यवस्था में अनियमितताएं पाई गई हैं, उन्हें इस बार खरीदी प्रक्रिया से दूर रखा जाएगा।

15 सितंबर से शुरू होगा किसानों का पंजीयन

धान खरीदी की तैयारी के साथ किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया भी निर्धारित कर दी गई है। 15 सितंबर से धान उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन शुरू होगा। इसके लिए किसान के पास फार्मर आईडी होना अनिवार्य रहेगा।कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को फार्मर आईडी की अनिवार्यता की जानकारी समय रहते दी जाए, ताकि पंजीयन के समय किसी किसान को परेशानी का सामना न करना पड़े। उप संचालक कृषि को मैदानी अमले के माध्यम से किसानों की फार्मर आईडी बनवाने में सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।राजस्व विभाग द्वारा भी अभियान चलाकर किसानों की फार्मर आईडी तैयार कराने का काम किया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि पंजीयन प्रक्रिया शुरू होने से पहले अधिक से अधिक किसानों की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी हो जाएं।

खरीदी केंद्रों की व्यवस्था पहले से होगी दुरुस्त

कलेक्टर ने धान उपार्जन केंद्रों के निर्धारण के साथ ही खरीदी से संबंधित सभी व्यवस्थाएं समय सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि खरीदी शुरू होने के बाद अव्यवस्था सामने आने के बजाय उससे पहले ही सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।बैठक में जिला आपूर्ति अधिकारी कमलेश तांडेकर ने प्रस्तावित खरीदी केंद्रों और उपार्जन से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी। अधिकारियों को खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

पिछली गड़बड़ियों का रिकॉर्ड बनेगा इस बार कार्रवाई का आधार

प्रशासन का सख्त संदेश साफ है कि धान खरीदी में जिम्मेदारी उन्हीं समितियों को मिलेगी जिनकी कार्यप्रणाली और पात्रता जांच में सही पाई जाएगी। पिछली खरीदी में सामने आई गड़बड़ियों को नजरअंदाज कर दोबारा वही जिम्मेदारी सौंपने के बजाय इस बार रिकॉर्ड और पात्रता के आधार पर समितियों का चयन किया जाएगा।बैठक में उप संचालक कृषि यूपी बागरी, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम अशोक सिंह ठाकुर, जिला प्रबंधक वेयरहाउस श्री बागरी, अग्रणी बैंक प्रबंधक विनय जायसवाल सहित जिला उपार्जन समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे। धान उपार्जन का नया सीजन शुरू होने से पहले कलेक्टर के इस रुख ने साफ कर दिया है कि खरीदी व्यवस्था में गड़बड़ी का पुराना रिकॉर्ड रखने वाली समितियों के लिए इस बार रास्ता आसान नहीं होगा। अब पात्रता जांच की रिपोर्ट और प्रशासनिक निर्णय तय करेगा कि जिले में किन समितियों को किसानों से धान खरीदने की जिम्मेदारी मिलती है।

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