कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत के विरोध से शुरू हुआ विवाद अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंचा, अमहिया स्थित आवास में घुसने और कथित तोड़फोड़ के आरोपों पर केस दर्ज; सांसद जनार्दन मिश्रा ने कांग्रेस को दी कड़ी चेतावनी
रीवा। संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत को लेकर चल रहा विरोध अब रीवा की सियासत में एक नए टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है। रविवार को उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के अमहिया स्थित निजी आवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन और परिसर में प्रवेश के बाद विवाद गहरा गया। घटना के बाद भाजपा ने इसे जनप्रतिनिधि के आवास की सुरक्षा और मर्यादा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है, वहीं पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए पांच नामजद सहित कुल 15 लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस के अनुसार घटना 6 सितंबर को दोपहर करीब 12:35 से 12:50 बजे के बीच की बताई गई है। अमहिया थाना पुलिस को दी गई शिकायत में चेतन तिवारी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल लोग जबरन आवास परिसर में दाखिल हुए और वहां मौजूद लोगों एवं परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार तथा गाली-गलौज की गई। शिकायत में परिसर में तोड़फोड़ किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर BNS की धारा 190, 191(2), 296(ब), 333 और 324(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
इन पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस कार्रवाई में अभिषेक परमार, रोहन जैन, रवि सुमित सिंह, अनूप सिंह चंदेल और मंजुल त्रिपाठी को नामजद किया गया है। इनके साथ अन्य अज्ञात प्रदर्शनकारियों को भी प्रकरण में शामिल किया गया है। कुल मिलाकर पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अब पुलिस प्रदर्शन के दौरान मौके पर मौजूद लोगों, घटनाक्रम की परिस्थितियों, कथित तोड़फोड़ और आवास परिसर में प्रवेश से जुड़े तमाम पहलुओं को खंगाल रही है। मामले की विवेचना की जिम्मेदारी कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक सुरेश कुमार शुक्ला को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों और घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल प्रकरण ने बढ़ाई थी कांग्रेस की नाराजगी
दरअसल, संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत के बाद कांग्रेस लगातार स्वास्थ्य व्यवस्था और जिम्मेदारों पर कार्रवाई को लेकर सरकार के खिलाफ मुखर है। इसी विरोध की कड़ी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपमुख्यमंत्री के आवास का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं के आवास परिसर तक पहुंचने के बाद स्थिति विवादित हो गई और अब मामला सीधे पुलिस केस तक पहुंच चुका है।अस्पताल प्रकरण में पहले ही दो चिकित्सकों और दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित किए जाने की कार्रवाई सामने आ चुकी है। इसके बावजूद कांग्रेस का कहना है कि परिवार को अभी पूर्ण न्याय नहीं मिला है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा सांसद का कांग्रेस पर तीखा हमला
घटना के बाद भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर बेहद आक्रामक अंदाज में निशाना साधा। उन्होंने प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि यदि विरोध करना है तो सामने से किया जाए। सांसद ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए बेहद तीखी और आपत्तिजनक उपमाओं का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को धोखे से हमला करने के बजाय खुलकर सामने आना चाहिए।सांसद ने यह भी कहा कि यदि इस तरह की घटना दोबारा होती है तो भाजपा कार्यकर्ता स्वयं इसका जवाब देंगे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के आसार हैं।भाजपा की ओर से यह सवाल भी उठाया गया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को किसी दूसरे स्थान पर जाने की जानकारी देकर कथित तौर पर डिप्टी सीएम के आवास तक पहुंचने का रास्ता बनाया। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम की वास्तविक परिस्थितियां पुलिस जांच में स्पष्ट होंगी।
अब सड़क का आंदोलन थाने की FIR तक
कल्पना मिश्रा की मौत को लेकर शुरू हुआ कांग्रेस का आंदोलन अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां एक तरफ अस्पताल प्रकरण में कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस सरकार पर दबाव बना रही है, वहीं दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री के आवास पर हुए प्रदर्शन को लेकर पुलिस कार्रवाई शुरू हो चुकी है। आने वाले दिनों में यह मामला रीवा की राजनीति में और अधिक गरमाने के संकेत दे रहा है। एक तरफ कांग्रेस परिवार को न्याय दिलाने और कथित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने के संकेत दे रही है, तो दूसरी ओर भाजपा ने जनप्रतिनिधियों के आवास और उनकी सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है। अब निगाहें पुलिस जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।
