जयपुर।
राजस्थान प्रशासनिक सेवा परिषद (RAS Association) ने जिला कलेक्टर डीगवाना–कुचामन श्री महेन्द्र खड़गावत के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है। परिषद ने कलेक्टर पर अधीनस्थ अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाने, नियम एवं विधि के विरुद्ध कार्य करवाने तथा प्रशासनिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं।
RAS परिषद के अध्यक्ष महावीर खड़गड़ी एवं महासचिव नीतू राजेश्वर द्वारा 4 फरवरी 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि जिला डीगवाना–कुचामन में कार्यरत उपखंड अधिकारियों एवं राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों से नियम विरुद्ध कार्य करने का दबाव बनाया जा रहा है। आरोप है कि अधिकारी द्वारा गलत कार्य न करने पर चार्जशीट जारी कर शासन को भिजवाने की धमकी दी जाती है।
पत्र में उदाहरण देते हुए कहा गया है कि ऑनलाइन किए जाने वाले प्रक्रियात्मक कार्यों को ऑफलाइन कराने का दबाव बनाया गया, बिना पर्याप्त कारण के प्रकरण तलब किए गए तथा न्यायालयीन मामलों में निर्णय को प्रभावित करने संबंधी निर्देश भी दिए गए, जो पूर्णतः अनुचित और विधि विरुद्ध हैं।
RAS परिषद ने यह भी उल्लेख किया है कि संबंधित जिला कलेक्टर का पूर्व सेवा अनुभव पुरालेख विभाग का रहा है, जिससे उन्हें राजस्व नियमों एवं जिला प्रशासन के व्यावहारिक अनुभव का अभाव बताया गया है। परिषद के अनुसार, इतने महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए इस प्रकार की कार्यशैली प्रशासनिक संतुलन को प्रभावित कर रही है।
परिषद ने मुख्य सचिव से मांग की है कि जिला कलेक्टर डीगवाना–कुचामन के कार्यकाल एवं कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा प्रथम दृष्टया दोष पाए जाने पर उनके विरुद्ध त्वरित एवं सख़्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
इस पत्र के सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और अब सरकार की प्रतिक्रिया व कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
