पीएम-सेतु से कौशल प्रशिक्षण को नई दिशाउन्नत आईटीआई के जरिए रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा

Spread the love

पीएम-सेतु से कौशल प्रशिक्षण को नई दिशा
उन्नत आईटीआई के जरिए रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा

नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने देश में कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री कौशल एवं रोजगार परिवर्तन योजना (पीएम-सेतु) को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) को उन्नत किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य व्यावसायिक प्रशिक्षण की गुणवत्ता, प्रासंगिकता और रोजगार क्षमता को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप बनाना है।

पीएम-सेतु योजना के तहत प्रशिक्षण संस्थानों में आधुनिक बुनियादी ढांचा, स्मार्ट क्लासरूम, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और डिजिटल पाठ्य सामग्री विकसित की जाएगी। साथ ही, उभरते क्षेत्रों की मांग को देखते हुए उद्योग-संयोजित दीर्घकालिक और अल्पकालिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। योजना का फोकस मांग-संचालित कौशल विकास पर रहेगा, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को बेहतर रोजगार परिणाम मिल सकें।

यह योजना दो प्रमुख घटकों में लागू की जाएगी। पहले घटक के अंतर्गत हब और स्पोक मॉडल पर 1,000 सरकारी आईटीआई का उन्नयन किया जाएगा, जिनमें 200 हब आईटीआई और 800 स्पोक आईटीआई शामिल होंगे। दूसरे घटक में भुवनेश्वर, चेन्नई, हैदराबाद, कानपुर और लुधियाना स्थित पांच एनएसटीआई की क्षमता वृद्धि की जाएगी। यहां वैश्विक भागीदारी के साथ प्रशिक्षकों के उन्नत प्रशिक्षण और क्षेत्र-विशिष्ट राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

पीएम-सेतु उद्योग के नेतृत्व वाले शासन मॉडल पर आधारित है। इसके तहत विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) स्थानीय उद्योग की जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम पुन: डिजाइन, प्रशिक्षण मॉडल, बुनियादी ढांचे के उन्नयन और प्लेसमेंट या स्वरोजगार सहायता से जुड़े प्रस्ताव तैयार करेंगे। इससे शिक्षार्थियों को वास्तविक कार्य वातावरण का अनुभव, करियर मार्गदर्शन और उद्यमिता के अवसर मिलेंगे।

कैबिनेट की मंजूरी के अनुसार, आईटीआई का चयन राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारें उद्योग के परामर्श से करेंगी। इससे स्थानीय औद्योगिक क्षमता और उभरती कौशल जरूरतों के साथ तालमेल सुनिश्चित होगा। योजना की निगरानी के लिए सचिव, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संचालन समिति गठित की गई है, जबकि 25 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों ने राज्य स्तर पर संचालन समितियां बनाई हैं।

यह जानकारी कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी। पीएम-सेतु से देश में कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार को नई गति मिलने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *