नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से दिए गए संबोधन में देश की विकास यात्रा, आत्मनिर्भरता और तकनीकी प्रगति का संदेश प्रमुखता से सामने आया। संबोधन में स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देने, डिजिटल तकनीक के विस्तार और भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को नए भारत के आत्मविश्वास से जोड़ा गया।
देश के विकास में ‘मेक इन इंडिया’ से लेकर डिजिटल इंडिया तक की यात्रा को रेखांकित करते हुए यह संदेश दिया गया कि भारत अब केवल वैश्विक बाजार का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माण, नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में अपनी क्षमता स्थापित करने वाला देश बन रहा है।
स्वदेशी उत्पादन को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा गया कि देश की आर्थिक शक्ति बढ़ाने के लिए स्थानीय उद्योग, उद्यमिता और युवाओं की प्रतिभा को अवसर देना आवश्यक है। डिजिटल क्रांति ने शासन, वित्तीय सेवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और आम नागरिकों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच को भी व्यापक बनाया है।
लाल किले की प्राचीर से दिया गया संदेश भारत के बढ़ते आत्मविश्वास और विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प को रेखांकित करता है। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच आत्मनिर्भरता, नवाचार और तकनीकी क्षमता को भारत की भविष्य की ताकत के रूप में प्रस्तुत किया गया।
संदेश स्पष्ट है—स्वदेशी निर्माण, तकनीकी आत्मनिर्भरता और युवा शक्ति के साथ भारत विकास की नई ऊंचाइयों की ओर आगे बढ़ रहा है। (बीजेपी)

