जयपुर, — भ्रष्टाचार के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। भ्रष्टाचार के आरोप में दोष सिद्ध होने पर तत्कालीन पटवारी आनन्द बिहारी ओझा को राज्य सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इस संबंध में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने आदेश जारी किए।
जानकारी के अनुसार, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायालय क्रमांक-01, जयपुर महानगर द्वितीय द्वारा प्रकरण संख्या 07/2017 (एफआईआर संख्या 343/2015) राजस्थान राज्य बनाम आनन्द बिहारी ओझा में अभियुक्त को दोषी ठहराया गया। न्यायालय ने श्री ओझा को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत 03 वर्ष का साधारण कारावास एवं 10,000 रुपये अर्थदंड तथा धारा 13(1) सहपठित धारा 13(2) के अंतर्गत 04 वर्ष का साधारण कारावास एवं 10,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
उक्त न्यायिक निर्णय के अनुपालन में तथा राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 1958 के नियम 16 के तहत चली समानांतर विभागीय जांच में भी दोष सिद्ध होने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए ओझा को राज्य सेवा से बर्खास्त कर दिया।
