नवरात्र में दुर्गा शंकर दे गया तीन जीवन को वरदान-

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अजमेर, 22 सितम्बर।
मानवता का सबसे बड़ा धर्म है – जीवन बचाना। इसी सच्चाई को चरितार्थ करते हुए अजमेर के जेएलएन मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय में सोमवार को एक ऐसा ऐतिहासिक कार्य हुआ जिसने न केवल तीन परिवारों की जिंदगी बदल दी बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया। 16 वर्षीय युवक दुर्गा शंकर गुर्जर की ब्रेन डेथ के बाद उनके परिवार ने साहसिक और अनुकरणीय निर्णय लेते हुए अंगदान किया। इस निर्णय से दो किडनी और एक लीवर के माध्यम से तीन अलग-अलग मरीजों को नया जीवनदान मिला।

यह घटना इस बात का प्रमाण है कि मृत्यु अंत नहीं, बल्कि किसी और के जीवन की नई शुरुआत हो सकती है। अंगदान के माध्यम से एक परिवार ने दुख की घड़ी में भी दूसरों की खुशियों को बचाने का मार्ग चुना।

परिवार का साहस और समाज को संदेश

दुर्गा शंकर गुर्जर, पुत्र श्री जवान राम गुर्जर, निवासी कन्नौज (जिला अजमेर) का दुर्भाग्यवश ब्रेन डेथ हो गया। गहरे दुख के बीच भी परिवार ने जो निर्णय लिया वह पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। पिता जवान राम गुर्जर ने सबसे पहले सहमति दी और इसके बाद भाइयों रवि शंकर व दिनेश गुर्जर, जो स्वयं नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े हैं, तथा बहन समा गुर्जर, जो बीएससी नर्सिंग की छात्रा हैं, ने भी आगे बढ़कर हां कहा। इस निर्णय ने दिखा दिया कि सच्ची सेवा केवल जीवित रहते हुए नहीं, बल्कि मृत्यु के बाद भी की जा सकती है।

जेएलएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया और अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने परिवार की इस महान भावना को मानवता का सबसे बड़ा उपहार बताते हुए पूरे परिवार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से समाज में अंगदान के महत्व को लेकर सकारात्मक सोच विकसित होगी।

चिकित्सा दल का समर्पण

इस पुनीत कार्य को सफल बनाने के लिए सौटो और एनटीओआरसी की टीम ने दो दिनों तक लगातार प्रयास किया। न्यूरो सर्जन डॉ. गोगराज, काउंसलर डॉ. घनश्याम जोशी, एनेस्थेटिक डॉ. कुलदीप और डॉ. प्रदीप, न्यूरो फिजिशियन डॉ. पंकज सैनी और डॉ. दिलीप नगरवाल, सर्जरी विभाग के डॉ. श्याम भूतड़ा, डॉ. शिव कुमार बुनकर, डॉ. शिवाजी विद्यार्थी और डॉ. विजय सैनी का योगदान अहम रहा।

ऑपरेशन थिएटर की प्रभारी गीता मोल, सहयोगी शिव प्रसाद माहेश्वरी, आईसीयू प्रभारी प्रतीक, राकेश गंगवाल, रईस और निजाम ने भी समर्पण भाव से सहयोग दिया। उनकी मेहनत और पेशेवर कुशलता के बिना यह कार्य संभव नहीं हो पाता।

प्रशासन की भूमिका

इस अभियान में जिला प्रशासन का योगदान भी उल्लेखनीय रहा। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवणानी अस्पताल पहुंचे और दुर्गा शंकर के परिजनों का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि यह परिवार मानवता का आदर्श उदाहरण बन गया है।

जिला कलक्टर लोक बंधु, पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा, अतिरिक्त जिला कलक्टर गजेंद्र सिंह राठौड़, एसपी ग्रामीण दीपक शर्मा और पुलिस अधिकारियों धर्मवीर व सुनील ने अजमेर से जयपुर तक ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था की। इस व्यवस्था से अंगों को समय पर सुरक्षित जयपुर पहुंचाना संभव हो सका। प्रशासन और पुलिस की तत्परता ने इस अभियान को सफल और अनुकरणीय बना दिया।

देशभर से चिकित्सकों का सहयोग

अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए जयपुर और चेन्नई से भी विशेषज्ञ चिकित्सक पहुंचे। इनमें हार्ट सर्जन डॉ. संजीव देवगोडा, डॉ. ध्रुव शर्मा, लिवर सर्जन डॉ. दिनेश भारती, किडनी सर्जन डॉ. रामदयाल साहू, चेन्नई से आए हार्ट सर्जन डॉ. अरुण और डॉ. जगदीश, तथा अजमेर के डॉ. अनुराग गोयल का विशेष योगदान रहा। इनके अनुभव और कुशलता ने इस कठिन सर्जरी को सफल बनाया।

अजमेर की यह घटना हमें याद दिलाती है कि मृत्यु का अंत किसी के जीवन की शुरुआत भी बन सकता है। जरूरत है केवल जागरूकता और साहस की।

“मृत्यु अंत नहीं, अंगदान से जीवन चलता रहता है।”
“आपका एक निर्णय, किसी की पूरी जिंदगी बदल सकता है।”

खबर वन न्यूज परिवार इस महान कार्य को सलाम करता है और समाज से अपील करता है कि हम सब अंगदान के महत्व को समझें और मानवता की इस अनोखी सेवा में सहभागी बनें।

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